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दस शिक्षामंत्रियों की होनी है परीक्षा, 11 दिसंबर को आएगा रिजल्ट

उदयपुर, 06 दिसम्बर (उदयपुर किरण). प्रदेश में इन दिनों सियासत की पाठशाला चल रही है. जिसमें राजनीति के दिग्गजों की क्लास लग रही है और इस क्लास में प्रदेश के शिक्षामंत्रियों की बडी परीक्षा भी होनी है. जिनका निर्णय जनता करने जा रही है. यूं तो शिक्षामंत्रियों की कार्यशैली का ग्राफ स्टूडेंट के रिजल्ट पर निर्भर करता है, लेकिन सियासत की रणभेदी में इस समय ये शिक्षा मंत्री जनता से राजनीति सीख रहे है. यहीं कारण है कि चुनावों के दौरान शिक्षा मंत्री की चुनावी सीट का रिजल्ट हर सभी की निगाहें टिकी रहती है.

1993 से लेकर अब तक अगर बात की जाए तो सूबे में शिक्षा मंत्री के सीट के रिजल्ट काफी दिलचस्प रहे हैं. दिलचस्प इसलिए क्योंकि राज्य में विधानसभा चुनावों में भाजपा सरकार में रहे शिक्षा मंत्री तो चुनावों में जीत का सेहरा बांधते है, जबकि कांग्रेस के शिक्षा मंत्री अपनी सीट तक नहीं बचाते की कवायद में दिखते है. अक्सर देखने में आया है कि इस मुकाबले में भाजपा राज मे रहे शिक्षा मंत्री जीत के मुहाने तक ज्यादा पहुंचे हैै. पिछली सरकारों में शिक्षामंत्री के हार जीत के रिपोर्ट कार्ड से उनकी हालत साफ नजर आता है.

पिछले चार विधानसभा चुनावों को देखे तो कांग्रेस के शिक्षा मंत्रियों की परफोर्मेंस खराब रही है. कांग्रेस के पांच में से केवल एक शिक्षामंत्री बीडी कल्ला को 2003 में जीत नसीब हुई. 2013 के चुनाव में कांग्रेस के शिक्षामंत्री मोदी लहर के सामने ढेर होते दिखे. जिनमें बृजकिशोर शर्मा, बी डी कल्ला, नसीम अख्तर, भंवरलाल मेघवाल, दयाराम परमार शामिल है. मौजूदा चुनाव में पूर्व शिक्षा बृजकिशोर शर्मा टिकट बचाने में भी कामयाब नहीं हुए, लेकिन कल्ला, अख्तर, मेघवाल, परमार चुनावी मैदान में है. वर्तमान भाजपा सरकार के कार्यकाल में शिक्षा विभाग को तीन मंत्रियों ने संभाला है. उनमें कालीचरण सराफ, वासुदेव देवनानी और किरण माहेश्वरी चुनावी मैदान में है, तो वहीं 1993 में शिक्षामंत्री रहे गुलाबचंद कटारिया भी चुनाव लड रहे है. इसके साथ ही घनश्याम तिवाड़ी भाजपा खेमे से शिक्षामंत्री रहे, लेकिन अब भारत वाहिनी से चुनावी ताल ठोक रहे है.

जिनमें शिक्षामंत्रियों के चुनावी इतिहास में 1993 से 1998 तक गुलाबचंद कटारिया रहे शिक्षामंत्री, 1998 के चुनाव में बड़ी सादड़ी जीते, प्रकाशचंद को हराया. 1998 से 2003 तक कांग्रेस सरकार में बीडी कल्ला रहे शिक्षा मंत्री, 2003 के चुनाव में जीते, नंदलाल व्यास को हराया. 1998 में सी.पी जोशी रहे शिक्षामंत्री, 2003 में जोशी को जीत मिली. 1998 में अब्दुल अजीज शिक्षा राज्य मंत्री थे लेकिन 2003 के चुनाव में टिकट ही कट गया. 2003 से 2007 तक घनश्याम तिवाड़ी शिक्षामंत्री रहे, 2007 से 2008 तक कालीचरण सराफ शिक्षामंत्री रहे. 2004 से 2008 तक वासुदेव देवनानी शिक्षा राज्यमंत्री रहे, 2008 विधानसभा तीनों को जीत मिली. 2008 से 2011 तक भंवर लाल मेघवाल शिक्षामंत्री रहे, 2011 से 2013 तक बृजकिशोर शर्मा शिक्षामंत्री रहे.

2011 से 2013 तक नसीम अख्तर शिक्षा राज्य मंत्री रहीं, 2011 में शिक्षा मंत्री दयाराम परमार रहे. 2013 के चुनाव में चारों को हार मिली. 2013 – 2016 तक कालीचरण सराफ रहे शिक्षामंत्री और उच्च शिक्षामंत्री रहे. 2014 – 2018 तक वासुदेव देवनानी शिक्षाराज्य मंत्री तथा 2016- 2018 तक किरण माहेश्वरी उच्च शिक्षामंत्री रहीं. 2018 विधानसभा चुनाव में तीनों को टिकट मिली. अक्सर परीक्षा के रिजल्ट को बेहतर बनाने के तौर तरीके सिखाने वाले नेता अब सियासत के भंवर में है. अब देखना होगा कि इस परीक्षा में कौन शिक्षामंत्री अपनी जीत का पताका फहराएगा.

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