Wednesday , 15 August 2018
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बाल चिकित्सालय की नर्स के खिलाफ चालान पेश, मेल नर्स से मारपीट व जातिगत गाली-गलौज कर अपमानित करने का मामला

उदयपुर. बाल चिकित्सालय के मेल नर्स के साथ मारपीट व जातिगत गाली-गलौज कर अपमानित करने वाली द्वितीय गे्रड नर्स के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र पेश किया. अदालत द्वारा चालान में देरी के लिए मांगे गए स्पष्टीकरण में थानाधिकारी की ओर से बताया गया कि आरोपिया द्वारा बार-बार अनुसंधान अधिकारी बदलाए जाने के कारण चालान पेश करने में देरी हुई है.

विशिष्ट न्यायालय अजा / अजजा (अनिप्र) की अदालत में हाथीपोल थानाधिकारी रविंद्र चारण ने खुड़ी छोटी तहसील लक्ष्मणगढ़ सीकर हाल नर्स ग्रेड द्वितीय बाल चिकित्सालय एमबीजीएच सरोज कुमारी पत्नी रोहिताश पुनिया के खिलाफ भादसं की धारा 341, 323 व एससी-एसटी की धारा 3 (1) (आर) (एस) में चालान पेश किया. चालान में 102 दस्तावेज और 18 गवाहों की सूची भी शामिल की गई है. पीठासीन अधिकारी दिनेश कुमार नागौरी ने प्रकरण 24 अक्टूबर 2017 का होने के कारण चालान में देरी होने के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा, इस पर थानाधिकारी द्वारा न्यायालय में पेश स्पष्टीकरण में बताया कि आरोपिया ने गत 21 मई को आत्म समर्पण किया था. प्रकरण में आरोपिया द्वारा समय-समय पर उच्च कार्यालयों में परिवाद पेश करने व अनुसंधान अधिकारी बदले जाने से प्रकरण का निस्तारण निर्धारित अवधि में नहीं किया जा सका. न्यायालय ने इसे स्वीकार किया और आरोपिया सरोज कुमारी पुनिया के खिलाफ प्रसंज्ञान लिया.

यह है मामला

24 अक्टूबर 2017 को हेमन्त कुमार मीणा ने एमबीजीएच के बाल चिकित्सालय की ग्रेड द्वितीय की नर्स सरोज कुमारी पुनिया के खिलाफ परिवाद के जरिये हाथीपोल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई. जिसमें बताया कि 30 अगस्त 2017 को फिमेल नर्स सरोज ने अभद्रता, मारपीट, गाली-गलौज व अभद्र व्यवहार किया. जिसकी शिकायत अधीक्षक को की. 31 अगस्त को सरोज ने जीवन कटारा व हेमन्त आमेटा के सामने बाल चिकित्सालय के लेबोरेट्री के पास वाले चेम्बर में फरियादी हेमन्त कुमार को अधीक्षक को शिकायत की बात को लेकर जातिगत गाली-गलौज कर सार्वजनिक रूप से अपमानित किया. न्यायालय आदेश से हाथीपोल थाना पुलिस ने आरोपिया सरोज कुमारी पुनिया के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच की. आरोपिया द्वारा गिरफ्तारी से बचने के लिए सभी प्रयास किया लेकिन कहीं पर भी उसे सफलता नहीं मिली. आखिरकार उसने गत 21 मई को अदालत में आत्म समर्पण किया था. रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपिया ने मनोज दईया के साथ मिलकर उसे तीन-चार माह से ब्लेकमेल कर रही है. सरोज महिला संबंधी कानूनों का दुरूपयोग कर फरियादी पर लांछन लगाकर एक लाख रूपए की मांग कर रही है नहीं तो फंसाने की धमकी दे रही है. यही नहीं ब्लेकमेल कर 40 से 50 हजार रूपए टुकड़े-टुकड़े में उसने ले भी लिए थे.

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