ईरान में नई सरकार के साथ डील के लिए तैयार अमेरिका: व्हाइट हाउस

वाशिंगटन, 4 मार्च: ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यदि तेहरान में नई सरकार बनती है और वह परमाणु हथियारों की महत्वाकांक्षा, बैलिस्टिक मिसाइलों की धमकियों और उग्रवादी समूहों को समर्थन देना बंद करती है, तो अमेरिका ईरान के साथ कूटनीतिक समझौते की दिशा में आगे बढ़ सकता है.

दो वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यदि भविष्य की ईरानी नेतृत्व क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे में शामिल होता है और सख्त न्यूक्लियर पाबंदियों का पालन करता है, तो अमेरिका प्रतिबंधों में राहत और आर्थिक सहयोग की पेशकश करने के लिए तैयार रहेगा.

नाम न बताने की शर्त पर एक वरिष्ठ ट्रंप प्रशासन अधिकारी ने कहा, “यदि नई सरकार आती है और कहती है कि हम क्षेत्र के सभी देशों के साथ मिलकर चलने और सामान्य देशों की तरह सरल मानकों का पालन करने को तैयार हैं, तो हमारे लिए दरवाजा पूरी तरह खुला रहेगा.”

अधिकारी ने बताया कि इन शर्तों में मध्य पूर्व में प्रॉक्सी समूहों को समर्थन खत्म करना, पड़ोसी देशों के खिलाफ मिसाइल की धमकियों को रोकना और यह सुनिश्चित करना शामिल है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह नागरिक उद्देश्यों तक सीमित रहे.

उन्होंने कहा, “यदि नई सरकार आती है और कहती है कि हम क्षेत्र के सभी देशों के साथ सामंजस्य बनाकर चलने और सामान्य मानकों का पालन करने को तैयार हैं, तो प्रशासन बातचीत के लिए तैयार होगा और बहुत जल्दी समझौता कर सकता है.”

ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी सैन्य हमलों के बाद बढ़ते तनाव के बीच ये टिप्पणियां ईरान के राजनीतिक भविष्य के बारे में वाशिंगटन की सोच को दर्शाती हैं.

अधिकारी ने कहा, “किसी भी भविष्य के समझौते के तहत ईरान को हथियार-ग्रेड सामग्री तैयार करने के लिए यूरेनियम संवर्धन छोड़ना होगा और अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों की ओर से निगरानी योग्य प्रतिबंध स्वीकार करने होंगे.”

उन्होंने कहा, “हम इस पर काम कर रहे हैं कि भविष्य में बैन रिलीफ पैकेज क्या हो सकता है, यदि नई सरकार के साथ कोई ऐसी रूपरेखा तय होती है जो वास्तव में उन सभी अलग-अलग मानकों पर चलती हो.”

अमेरिका ने बातचीत के दौरान कई बार ईरान को अंतरराष्ट्रीय निगरानी में नागरिक परमाणु कार्यक्रम चलाने का अवसर दिया, लेकिन ये प्रयास वाशिंगटन के लिए स्वीकार्य समझौते तक नहीं पहुंच सके.

बातचीत के दौरान अमेरिकी वार्ताकारों ने यह भी प्रस्ताव दिया था कि यदि ईरान घरेलू स्तर पर यूरेनियम संवर्धन बंद करने पर सहमत हो जाए, तो उसे नागरिक रिएक्टरों के लिए परमाणु ईंधन उपलब्ध कराया जा सकता है. अधिकारियों के अनुसार, यह प्रस्ताव यह परखने के लिए था कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम वास्तव में शांतिपूर्ण ऊर्जा उत्पादन के लिए है या हथियार क्षमता विकसित करने के लिए.

अधिकारी ने तर्क दिया कि तेहरान के इस प्रस्ताव को मानने से इनकार करने से यह चिंता और बढ़ती है कि ईरान अपनी संवर्धन क्षमता को बरकरार रखना चाहता है. उन्होंने कहा, “उन्होंने हमें कई राजनीतिक लाभ और कुछ रियायतें देने की पेशकश की, लेकिन वे उन बुनियादी तत्वों को छोड़ने को तैयार नहीं थे, जिनकी उन्हें परमाणु बम तक पहुंचने के लिए जरूरत होती है.”

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