
नई दिल्ली, 11 मार्च: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव बुधवार को खारिज कर दिया गया. सदन में ध्वनिमत से इस प्रस्ताव को अस्वीकार किया गया. इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और नेता विपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला किया. केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि अमित शाह ने कांग्रेस के झूठे एजेंडे की सच्चाई उजागर की.
केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बोलते हुए अमित शाह ने कांग्रेस के झूठे दावों की पोल खोली. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पूरे देश में यह झूठ फैलाते हैं कि उन्हें संसद में बोलने नहीं दिया जाता, जबकि 18वीं लोकसभा में कांग्रेस के सांसदों ने लगभग 158 घंटे बोला. तब राहुल गांधी को किसने रोका था?
प्रधान ने कहा कि सच्चाई यह है कि जब संसद में बजट और राष्ट्रीय मुद्दों पर गंभीर चर्चा होती है, तब राहुल गांधी अक्सर अपने तथाकथित “वर्ल्ड टूर” में व्यस्त रहते हैं. उन्होंने कहा कि अब पूरा देश जान चुका है कि राहुल गांधी केवल एक ‘भगोड़ा’ हैं.
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि कांग्रेस अब एक परिवार के स्वार्थ को आगे बढ़ाने के लिए विपक्ष के मुद्दों को हाईजैक कर चुकी है. भले ही सदन में चर्चा हो, राहुल गांधी देश छोड़कर भाग जाते हैं. यही दिखाने का प्रयास कांग्रेस पार्टी हर बार करती है, लेकिन उनका प्रयास हर बार विफल हो जाता है.
उन्होंने कहा कि इस अविश्वास प्रस्ताव का खारिज होना दिखाता है कि देश को विपक्ष की राजनीति पर अविश्वास है. इसके बावजूद, अपने स्वार्थ के कारण ये लोग लोकसभा अध्यक्ष जैसे गरिमामय पद को निशाना बनाकर लोकतांत्रिक संस्थाओं को बार-बार नीचा दिखा रहे हैं.
इससे पहले, अमित शाह ने राहुल गांधी को कांग्रेस का बड़ा नेता बताते हुए कहा कि शीतकालीन सत्र के दौरान वह जर्मनी यात्रा पर थे. जब-जब संसद सत्र होता है, वह विदेश यात्रा पर चले जाते हैं और फिर कहते हैं कि बोलने नहीं दिया जाता.
उन्होंने कहा कि सदन में ऐसा कभी नहीं हुआ कि प्रधानमंत्री बैठे हों और कोई दौड़कर आकर गले मिल जाए. सदन में कभी फ्लाइंग किस किया जाता है, कभी आंख मटकाई जाती है, और अब ये लोग स्पीकर के बर्ताव पर सवाल उठा रहे हैं.
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि मैंने पहले ही कहा था कि स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव मत लाओ. कांग्रेस वोटिंग से भाग गई. उन्हें डर था कि छोटी पार्टियां इस प्रस्ताव से नाराज होंगी. कांग्रेस ने ध्वनि मत से इस प्रस्ताव को गिरा दिया.