
नई दिल्ली, 19 फरवरी: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्रपति शिवाजी महाराज को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी. उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज ने हर वर्ग को संगठित कर एक विशाल सेना का निर्माण किया, जिसका उद्देश्य राष्ट्र और संस्कृति की रक्षा करना था. उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति, साहस और रणनीति अद्वितीय हैं.
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “छत्रपति शिवाजी महाराज ने अल्पायु में ही हिंदवी स्वराज की स्थापना का संकल्प लिया. उन्होंने स्वधर्म, स्वराज और स्वभाषा के लिए जीने-मरने की भावना को जागृत किया. उनका योगदान अमूल्य है.”
उन्होंने अपने भाषण में कहा, “शिवाजी महाराज का नाम संकल्प, शौर्य और बलिदान के साथ जुड़ा है. उन्होंने हिंदुस्तान के हर कोने में स्वराज की भावना को फैलाया. महाराष्ट्र, जो मुगलों के अधीन था, शिवाजी के नेतृत्व में हिंदवी स्वराज में बदल गया.”
अमित शाह ने आगे कहा, “जब शिवाजी का जन्म हुआ, तब देश अंधकार में था. एक 12 साल का बच्चा संकल्प करता है कि वह फिर से भगवा फहराएगा. शिवाजी महाराज ने अदम्य साहस और रणनीति से एक अपराजित सेना का निर्माण किया.”
उन्होंने कहा, “शिवाजी महाराज ने देश को स्वतंत्रता दिलाने का कार्य किया. उनकी सेना जब विभिन्न क्षेत्रों में पहुंची, तब लोगों को अपने स्वधर्म और संस्कृति की रक्षा का एहसास हुआ.”
अमित शाह ने यह भी कहा कि आजादी के 75 साल बाद, हम अपने देश को गर्व से खड़ा देख रहे हैं. उन्होंने कहा, “शिवाजी महाराज का अंतिम संदेश था कि स्वराज की लड़ाई कभी नहीं रुकनी चाहिए. यह हम सबका दायित्व है कि हम उनके चरित्र को अगली पीढ़ी को सिखाएं.”