बांग्लादेश चुनाव: बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान ने डाला वोट, कहा- ‘लोगों को उनके अधिकार वापस मिल गए’

ढाका, 12 फरवरी: बांग्लादेश में 13वें संसदीय चुनाव के लिए वोटिंग शुरू हो चुकी है. बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के अध्यक्ष तारिक रहमान ने गुलशन मॉडल हाई स्कूल एंड कॉलेज सेंटर में अपना वोट डाला.

वह सुबह करीब 9:30 बजे वोटिंग सेंटर पहुंचे, जहां उनके साथ पत्नी डॉ. जुबैदा रहमान और बेटी जाइमा रहमान भी थीं. वोट डालने के बाद, तारिक ने मीडिया से बात की और अधिक से अधिक लोगों से वोटिंग में भाग लेने की अपील की.

बीएनपी प्रमुख दो सीटों, ढाका-17 और बोगरा-6, से चुनाव लड़ रहे हैं. राजधानी और पूरे देश में पोलिंग स्टेशनों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है. वोटरों से बड़ी संख्या में भाग लेने की अपील करते हुए, तारिक ने कहा, “बांग्लादेश के लोग इस दिन का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे. आज, लोगों को उनके अधिकार वापस मिल गए हैं.”

उन्होंने कहा कि उन्हें बुधवार रात देश के विभिन्न हिस्सों से अनचाही घटनाओं की खबरें मिली हैं. अगर लोग बड़ी संख्या में पोलिंग सेंटर पर आते हैं, तो किसी भी साजिश को नाकाम किया जा सकता है.

जीत की उम्मीद जताते हुए, बीएनपी प्रमुख ने कहा कि अगर वे चुने जाते हैं, तो कानून और व्यवस्था की स्थिति को बेहतर बनाना उनकी प्राथमिकता होगी. उन्होंने यह भी कहा कि वोटिंग वह मुख्य तरीका है, जिससे लोग लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी ताकत का इस्तेमाल करते हैं.

बीएनपी अध्यक्ष ने उम्मीद जताई कि चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष माहौल में होगा, जो लोगों के फैसले को दर्शाएगा.

बांग्लादेशी मीडिया के अनुसार, सुबह से ही ढाका के विभिन्न पोलिंग सेंटरों पर लोगों का जमावड़ा हो रहा है. इलेक्शन कमीशन ने कहा कि वोटिंग सुबह 7:30 बजे शुरू हुई और शाम 4:30 बजे तक चलेगी.

अवामी लीग को पांच सालों के लिए चुनाव से प्रतिबंधित किया गया है. इस वजह से इस चुनाव में बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी पार्टी के बीच टक्कर देखने को मिल रही है. 299 संसदीय सीटों पर वोटिंग हो रही है, और वोटिंग खत्म होने के तुरंत बाद वोटों की गिनती शुरू होगी.

दूसरी ओर, अवामी लीग की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया, “इन दिखावटी चुनावों के माहौल में भीड़ का आतंक, जिसमें लिंचिंग और बेरहमी से टॉर्चर शामिल हैं, हावी रहा है. जेलें न सिर्फ अवामी लीग के समर्थकों से भरी हुई हैं, बल्कि कई पत्रकारों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और एंटी-वॉर क्राइम कैंपेनर्स पर झूठे मर्डर चार्ज लगाकर उन्हें जेल में डाल दिया गया है.”

अवामी लीग सरकार के हटने के बाद अल्पसंख्यकों की हालत पर पार्टी ने कहा, “इस मजाकिया चुनाव से पहले, लाखों अल्पसंख्यक खत्म होने की कगार पर पहुंच गए हैं. उन्हें अवामी लीग का सपोर्टर बताकर हत्या और हिंसा के लिए पूरी छूट दी गई है. महिलाएं, जो वोटर्स का आधा हिस्सा हैं, एक बुरे भविष्य का इंतजार कर रही हैं. उन्हें डेमोक्रेसी बनाने के नाम पर नेशनल पॉलिसी बनाने से भी बाहर रखा गया है और यह एक बहुत बुरा दौर है.”

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