
ढाका, 15 फरवरी: बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी के अमीर डॉ. शफीकुर रहमान ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के चेयरमैन तारिक रहमान को हालिया संसदीय चुनावों में मिली बंपर जीत की बधाई दी है.
डॉ. शफीकुर रहमान ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर तारिक रहमान के साथ हुई मुलाकात का उल्लेख किया और इसे “नेशनल पॉलिटिकल जर्नी का एक अहम पल” बताया. उन्होंने कहा कि यह बैठक सौहार्दपूर्ण रही और आशा जताई कि यह बांग्लादेश के राजनीतिक माहौल में “इंस्टीट्यूशनल मैच्योरिटी और आपसी सम्मान के एक नए चैप्टर” का संकेत देगा.
जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख ने कहा, “हम एक ऐसा बांग्लादेश बनाना चाहते हैं जो फासीवाद से मुक्त हो, अपने फैसले लेने में स्वायत्त हो, और न्याय पर आधारित हो.” उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी 11-पार्टी गठबंधन के साथ मिलकर “लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक शासन पर आधारित एक खुशहाल, स्थिर और आधुनिक देश बनाने के लिए प्रतिबद्ध है.”
अपनी बातचीत में, डॉ. शफीकुर रहमान ने कहा कि तारिक रहमान ने चुनाव के बाद हुई हिंसा की घटनाओं के बारे में कदम उठाने की पुष्टि की है, जिसमें विपक्ष के समर्थकों और अल्पसंख्यक समुदायों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए कार्रवाई शामिल है.
उन्होंने इस आश्वासन का स्वागत किया और जोर दिया कि “किसी भी नागरिक को, चाहे वह किसी भी राजनीतिक दल का हो, धमकी या असुरक्षा का सामना नहीं करना चाहिए.”
राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर सहयोग का वादा करते हुए, जमात-ए-इस्लामी नेता ने अपनी पार्टी की जिम्मेदारी पर बल दिया कि वे एक सैद्धांतिक विपक्ष के रूप में काम करेंगे. उन्होंने कहा, “हम राष्ट्रीय हित के मामलों में पूरा सहयोग करेंगे, फिर भी हम एक मजबूत और सैद्धांतिक विपक्ष के रूप में अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभाएंगे.”
उन्होंने आगे कहा, “जहां सरकार जनता के हित में काम करेगी, हम समर्थन करेंगे. जहां जवाबदेही की जरूरत होगी, हम मांगेंगे.”
अपनी पार्टी के दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए, उन्होंने कहा, “हमारा मकसद टकराव नहीं बल्कि सुधार है; रुकावट नहीं, बल्कि निगरानी है,” जो संसदीय कार्य में रचनात्मक भूमिका का संकेत है.
डॉ. शफीकुर रहमान ने यह भी कहा कि लोग उम्मीद करते हैं कि नई संसद लोकतांत्रिक मूल्यों और शासन के सही मानकों को बनाए रखे. उन्होंने कहा, “लोग ऐसी संसद के हकदार हैं जो न्याय की रक्षा करे, अधिकारों की रक्षा करे और देश को स्थिरता और भरोसे के साथ आगे बढ़ाए.”
यह बयान बांग्लादेश में बीएनपी की चुनावी जीत के बाद हो रहे राजनीतिक बदलाव के बीच आया है.