अमेरिकी दावों और हकीकत में बड़ा अंतर: अराघची का बयान

नई दिल्ली, मार्च 21: ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि अमेरिकी दावे और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर है. उन्होंने वियतनाम युद्ध का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि जैसे उस समय सच्चाई छिपाई गई थी, आज भी वही रणनीति अपनाई जा रही है. अराघची ने चेतावनी दी कि अगर ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर पर कोई हमला हुआ, तो तेहरान बिना किसी संयम के करारा जवाब देगा.

अराघची ने कहा कि अमेरिकी यह नहीं भूले हैं कि कैसे, जब वियतनाम में सैकड़ों अमेरिकी सैनिक मारे जा रहे थे और युद्ध का नतीजा पहले से ही स्पष्ट था, तब भी जनरल विलियम वेस्टमोर्लैंड को हवाई जहाज़ से घर वापस बुलाया गया था, ताकि वे सबको यह भरोसा दिला सकें कि युद्ध ठीक चल रहा है और अमेरिका “जीत रहा है.”

उन्होंने कहा कि आज की बात करें: स्क्रिप्ट वही है, बस मंच बदल गया है; आज हेगसेथ सामने आते हैं, और उनका संदेश आज भी हकीकत से कोसों दूर है.

अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “अमेरिकी सरकार कुछ कहती है और हकीकत कुछ और होती है.” उन्होंने आगे लिखा, “ठीक उसी समय जब अमेरिकी अधिकारी दावा करते हैं कि ईरान की हवाई सुरक्षा खत्म हो चुकी है, एक एफ-35 विमान को निशाना बना दिया जाता है. जब वे घोषणा करते हैं कि ईरान की नौसेना पूरी तरह खत्म हो चुकी है, तो यूएसएस जेराल्ड फोर्ड वापस लौट जाता है, और यूएसएस अब्राहम लिंकन और भी दूर चला जाता है.”

अराघची ने अमेरिका पर तंज करते हुए कहा कि दशक भले ही बदल गया हो, लेकिन नारा वही है, “हम जीत रहे हैं.”

उन्होंने फिर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “हम सिद्धांतों वाले पुरुष और महिलाएं हैं. ईरानी लोग बातचीत के दौरान अपने दुश्मनों पर छिपकर हमला नहीं करते. हम तभी जोरदार जवाब देते हैं, जब हम पर हमला होता है.”

अराघची ने कहा कि उनके पास इजरायल की उन योजनाओं की खुफिया जानकारी है, जिनके तहत वे ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला करने वाले हैं. उन्होंने कहा कि एक बार फिर दोहराते हैं: अगर हमारे इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला हुआ, तो हम जरा भी संयम नहीं बरतेंगे.

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