राहुल गांधी के इशारों पर भाजपा का कांग्रेस पर हमला

नई दिल्ली, 20 फरवरी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दिल्ली स्थित भारत मंडपम में एआई समिट के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन की कड़ी आलोचना की है. भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पार्टी सांसद राहुल गांधी के इशारों पर समिट में जाकर भारत का अपमान करने वाला कृत्य किया.

भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, “कांग्रेस ने साबित कर दिया है कि उसके लिए एआई का मतलब एंटी-इंडिया है. यह आईएनसी (इंडियन नेशनल कांग्रेस) नहीं, बल्कि एएनसी (एंटी नेशनल कांग्रेस) है.”

उन्होंने आगे कहा कि ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ की विश्वभर में प्रशंसा हो रही है. फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से लेकर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस तक और बड़ी कंपनियों के लीडर्स तक सभी इसकी तारीफ कर रहे हैं. यहां तक कि कांग्रेस के सांसद शशि थरूर ने भी एआई समिट की सराहना की. लेकिन राहुल गांधी के इशारे पर कांग्रेस पार्टी ने भारत का विरोध किया है.

पूनावाला ने कहा कि यह भाजपा या प्रधानमंत्री मोदी का विरोध नहीं है, बल्कि यह भारत की उपलब्धियों का विरोध है. कांग्रेस ने पहले भी वैक्सीन, यूपीआई और ऑपरेशन सिंदूर के समय इसी तरह का विरोध किया था. आज कांग्रेस भाजपा के विरोध में नहीं, बल्कि देश के विरोध में उतर आई है.

भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा, “कांग्रेस एंट्री इंडिया पार्टी है. राहुल गांधी के इशारे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एआई समिट में जाकर आपत्तिजनक नारे लगाए. ऐसा काम वही पार्टी कर सकती है, जिसकी नीयत और नीति देशविरोधी है. जब भी भारत का सम्मान होता है, तब राहुल गांधी और वाड्रा परिवार को मिर्ची लगती है.”

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस को देश से माफी मांगनी चाहिए.

भारतीय जनता पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “जब भारत एक एआई शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है, तब कांग्रेस पार्टी ने गरिमा के बजाय व्यवधान को चुना. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने टॉपलेस होकर स्थल पर हंगामा किया. यह कृत्य स्पष्ट रूप से विश्व मंच पर भारत को शर्मिंदा करने के लिए किया गया.”

भाजपा ने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, “जब देश खुद को ग्लोबल टेक्नोलॉजी पावरहाउस के तौर पर स्थापित करने की कोशिश कर रहा है, तब इस प्रकार का आचरण केवल उन लोगों के हित में है जो भारत को असफल होते देखना चाहते हैं. राजनीतिक विरोध लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन भारत की वैश्विक छवि को नुकसान पहुंचाना नहीं.”

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