
नई दिल्ली, मार्च 2: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 28 फरवरी की रात को कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) की बैठक हुई. इस बैठक में पश्चिम एशिया की बदलती स्थिति की समीक्षा की गई.
समिति को 28 फरवरी को ईरान पर हुए हवाई हमलों और उसके बाद बढ़ते तनाव के बारे में जानकारी दी गई. इसमें कई खाड़ी देशों में हुए हमले भी शामिल हैं. समिति ने इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई.
सीसीएस ने इस क्षेत्र से होकर यात्रा करने वाले भारतीय यात्रियों और परीक्षा देने वाले छात्रों को हो रही परेशानियों की भी समीक्षा की. इसके साथ ही क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ने वाले व्यापक असर पर चर्चा की गई. समिति ने संबंधित सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे प्रभावित भारतीय नागरिकों की मदद के लिए जरूरी और संभव कदम उठाएं.
सीसीएस ने जल्द से जल्द संघर्ष रोकने और बातचीत व कूटनीति के जरिए समाधान निकालने की आवश्यकता पर जोर दिया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से टेलीफोन पर बातचीत की. नेतन्याहू के साथ हुई बातचीत की जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा करने के लिए फोन पर बात हुई. हाल के घटनाक्रमों पर भारत की चिंताओं से अवगत कराया और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता बताया. भारत शत्रुता की शीघ्र समाप्ति की आवश्यकता को दोहराता है.”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मौजूदा हालातों को लेकर रविवार को संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से भी बात की. एक्स पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने हमलों में हुई जानमाल की हानि पर अपनी संवेदना व्यक्त की और यूएई के लिए भारत के दृढ़ समर्थन को दोहराया.
उन्होंने आगे कहा, “हमने यूएई में रहने वाले भारतीय समुदाय की देखभाल करने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया. हम तनाव कम करने, क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता का समर्थन करते हैं.”