
नई दिल्ली, 8 मार्च: सेंट्रल रेलवे की रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) ने इस महीने नागपुर और कलबुर्गी में दो अलग-अलग अभियानों में 43 किलोग्राम नशीले पदार्थ जब्त किए हैं. इनकी कुल कीमत लगभग 12.82 लाख रुपए आंकी गई है. रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इन कार्रवाइयों ने ट्रेन मार्गों के जरिए चल रहे एक ड्रग तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है.
रेलवे की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में डॉ. स्वप्निल नीला ने बताया कि यह कार्रवाई आरपीएफ और गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (जीआरपी) के संयुक्त अभियान के तहत की गई. उन्होंने कहा कि निगरानी और संयुक्त जांच अभियान के दौरान दोनों टीमों ने समन्वय के साथ यह सफलता हासिल की.
प्रेस रिलीज के मुताबिक, ड्रग तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए आरपीएफ ने एक तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया. पहली कार्रवाई 6 फरवरी को नागपुर रेलवे स्टेशन पर की गई. आरपीएफ की टीम स्टेशन पर निगरानी कर रही थी, तभी उन्हें एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया जो दो बैग लेकर जा रहा था. टीम में एक इंस्पेक्टर, एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर और दो आरपीएफ कर्मी शामिल थे. संदेह होने पर टीम ने उस व्यक्ति को रोककर बैग की जांच की.
जांच के दौरान बैग से गांजा के 9 पैकेट बरामद हुए, जिसका कुल वजन 24.80 किलोग्राम था. इसकी अनुमानित कीमत लगभग 3.72 लाख रुपए बताई गई है. पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना नाम शाहिद खान बताया, जो मध्य प्रदेश के भिंड का निवासी है. उसने स्वीकार किया कि वह यह नशीला पदार्थ ग्वालियर ले जा रहा था. इसके बाद आरोपी को हिरासत में लेकर बरामद गांजे के साथ नागपुर में जीआरपी को सौंप दिया गया.
इससे पहले 3 फरवरी को आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने विशेष सूचना के आधार पर कलबुर्गी रेलवे स्टेशन पर कोणार्क एक्सप्रेस की जांच की. तलाशी के दौरान टीम को कोच बी-1 की बर्थ नंबर 41 के नीचे एक लावारिस बैग मिला. गवाहों की मौजूदगी में जब बैग खोला गया, तो उसमें गांजा के 18 बंडल पाए गए. इनका कुल वजन 18.20 किलोग्राम था और इसकी अनुमानित कीमत लगभग 9.10 लाख रुपए बताई गई.
बरामद नशीले पदार्थों को तय प्रक्रिया के अनुसार सील कर दिया गया है और इस मामले में वाडी पुलिस स्टेशन में एक अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. रेलवे अधिकारियों ने कहा कि यह अभियान सेंट्रल रेलवे आरपीएफ और जीआरपी के बीच बेहतरीन तालमेल और रेलवे नेटवर्क के जरिए होने वाली ड्रग तस्करी को खत्म करने की उनकी मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से भी अपील की है कि वे सतर्क रहें और अगर किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत रेलवे अधिकारियों को जानकारी दें या रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल करके सूचना दें.