
बेलगावी, 13 फरवरी: ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन’ (ग्रामीण) अधिनियम के विरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष और विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि यह केवल योजना का विरोध नहीं है, बल्कि कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बर्दाश्त नहीं कर सकती.
केंद्र की पहल ‘वीबी-जी राम जी’ अधिनियम पर एक जागरूकता कार्यक्रम में बोलते हुए, विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि ‘वीबी-जी राम जी’ अधिनियम का विरोध इस योजना के बारे में नहीं है, बल्कि इसलिए है क्योंकि कांग्रेस पीएम मोदी को बर्दाश्त नहीं कर सकती.
उन्होंने कहा, “सरकारी अस्पतालों में दवाएं नहीं मिल रही हैं. गरीब लोग जिला और तालुक अस्पतालों में परेशान हैं. जब पीएम मोदी ने जन औषधि केंद्र खोले, तो कांग्रेस ने उसमें भी रुकावट डालने की कोशिश की. आजादी के बाद से, अब केंद्र में एक गैर-कांग्रेसी पार्टी का शासन है, जो कांग्रेस की ‘एलर्जी’ की जड़ है.”
विजयेंद्र ने कहा, “पिछले तीन आम चुनावों में, केंद्र में भाजपा की अगुवाई वाली एनडीए सरकार सत्ता में आई है. पिछड़े वर्ग के नेता, नरेंद्र मोदी, देश के पीएम बने हैं. कांग्रेस नेता यह बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं कि उनके नेतृत्व में भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी आर्थिक ताकत बनकर उभरा है.”
उन्होंने आरोप लगाया, “कांग्रेस पार्टी ने 60 साल तक राज किया और दावा किया कि वह गरीबी खत्म कर देगी. इस बेशर्म पार्टी ने गरीबों को ही खत्म कर दिया है, क्योंकि वह देश से गरीबी हटाने में नाकाम रही है.”
विजयेंद्र ने कहा कि कर्नाटक सरकार पिछले ढाई साल में एक भी नई विकास योजना शुरू नहीं कर पाई है. उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वे गृह लक्ष्मी स्कीम के तहत 2,000 रुपए देने के लिए अपनी पीठ थपथपाते हैं, जबकि राज्य में एक्साइज डिपार्टमेंट के लिए 40,000 करोड़ रुपए का रेवेन्यू टारगेट रखा है.
उन्होंने कहा कि यह पक्का नहीं है कि राज्य में 500 मीटर के अंदर कोई मेडिकल शॉप मिलेगी, लेकिन उस दूरी पर शराब की दुकान जरूर मिलेगी. किराने की दुकानों में शराब बेचने की इजाजत देना इस नाकाबिल कांग्रेस सरकार की कामयाबी है.
विजयेंद्र ने कहा कि गृह लक्ष्मी स्कीम के तहत 2,000 रुपए देना और उसी घर से शराब बेचकर 10,000 रुपए निकालना इस सरकार की असली कामयाबी है. उन्होंने पूछा कि क्या मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को पिछड़े वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, वीरशैव और वोक्कालिगा समुदाय के गरीब लोग नहीं दिखते?
उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री के तौर पर, क्या आप पिछले ढाई साल में कर्नाटक में काम करने वाले समुदायों की रोजी-रोटी को मजबूत नहीं कर पाए हैं?” विजयेंद्र ने कहा कि इसका जवाब नहीं है.
उन्होंने कहा कि कर्नाटक सरकार और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के पास अपने ही एमएलए को फंड देने की भी क्षमता नहीं है. विजयेंद्र ने आरोप लगाया, “अपनी कुर्सी बचाने के लिए मुख्यमंत्री ने रूलिंग पार्टी के विधायक के लिए विदेश दौरे करवाए हैं. ऐसी बेशर्म कांग्रेस सरकार से राज्य के विकास की उम्मीद करना नामुमकिन है.”
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने ‘वीबी-जी राम जी’ पहल के तहत एक नया कानून लागू किया है. “पहले, ‘काम के बदले अनाज’ नाम की एक योजना थी, जो बाद में एम्प्लॉयमेंट गारंटी स्कीम, मनरेगा बन गई.”
विजयेंद्र ने कहा, “आज, पीएम मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने इसे नया रूप दिया है, कई सुधार किए हैं, भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई है, और इसे असरदार तरीके से लागू किया है. कांग्रेस न केवल इसकी आलोचना कर रही है बल्कि विज्ञापन भी दे रही है.”
उन्होंने पूछा कि पिछले ढाई साल में कांग्रेस सरकार ने केंद्र सरकार की किस योजना का स्वागत किया है. विजयेंद्र ने कहा, “जब पीएम मोदी ने ‘एक देश, एक चुनाव’ के आइडिया के साथ आगे बढ़े, तो कांग्रेस ने इसका विरोध किया.”
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एससीएच