5,083 करोड़ के रक्षा सौदे: तटरक्षक बल को हेलीकॉप्टर, नौसेना को मिसाइलें

नई दिल्ली, 3 मार्च: रक्षा मंत्रालय ने देश की समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 5,083 करोड़ रुपए के दो महत्वपूर्ण रक्षा समझौते किए हैं. इनमें से एक समझौता भारतीय तटरक्षक बल के लिए नए हेलीकॉप्टरों की खरीद से संबंधित है, जबकि दूसरा भारतीय नौसेना के लिए शक्तिशाली वायु रक्षा मिसाइलों का है.

रूस से मिलने वाली ये मिसाइलें एयर डिफेंस को मजबूती प्रदान करेंगी. ये समझौते रक्षा मंत्रालय (साउथ ब्लॉक) में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की उपस्थिति में किए गए. तटरक्षक बल को 6 अत्याधुनिक हेलीकॉप्टर मिलेंगे. सरकार ने हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड, बेंगलुरु के साथ 2,901 करोड़ रुपए का करार किया है.

ये दो इंजन वाले हेलीकॉप्टर आधुनिक तकनीक से लैस हैं, जो मौजूदा हेलीकॉप्टरों की तुलना में अधिक सुरक्षित और शक्तिशाली हैं. तटरक्षक बल के लिए ये हेलीकॉप्टर समुद्र में तेल प्लेटफार्मों और कृत्रिम ढांचों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. इसके अलावा, ये मछुआरों की मदद और सुरक्षा में भी सहायक होंगे. खोज और बचाव अभियानों में भी इनकी उपयोगिता होगी.

समुद्री पर्यावरण की निगरानी के लिए भी इनका प्रयोग किया जाएगा. जरूरत पड़ने पर ये हेलीकॉप्टर समुद्री जहाजों से उड़ान भर सकेंगे. इससे तटरक्षक बल की ताकत और पहुंच दोनों में वृद्धि होगी. इस परियोजना से 200 से अधिक छोटे और मध्यम उद्योगों को काम मिलेगा, जिससे लगभग 65 लाख मानव-घंटे का रोजगार पैदा होगा. यह कदम न केवल रक्षा क्षेत्र को मजबूत करेगा, बल्कि स्वदेशी उद्योग को भी बढ़ावा देगा.

दूसरी ओर, भारतीय नौसेना को श्टिल वायु रक्षा मिसाइलें मिलेंगी. यह सौदा लगभग 2,182 करोड़ रुपए का है. इसके तहत भारतीय नौसेना को सतह से आकाश में मार करने वाली ऊर्ध्व प्रक्षेपण श्टिल मिसाइलें प्राप्त होंगी. इसके लिए रूस की सरकारी रक्षा निर्यात कंपनी जेएससी रोसोबोरोन एक्सपोर्ट के साथ समझौता किया गया है.

ये मिसाइलें भारतीय नौसेना के लिए अत्यंत आवश्यक हैं. ये दुश्मन के लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों से रक्षा करेंगी. इसके अलावा, ये ड्रोन और अन्य हवाई खतरों को भी नष्ट करने में सक्षम हैं. इनकी हर मौसम में काम करने की क्षमता है और ये तेजी से प्रतिक्रिया देने में सक्षम हैं. इनके आगमन से नौसेना के बड़े युद्धपोत हवाई हमलों से और अधिक सुरक्षित रहेंगे.

यह सौदा भारत और रूस के बीच मजबूत साझेदारी का प्रतीक है और दोनों देशों के बीच दशकों से चले आ रहे रक्षा सहयोग को दर्शाता है.

Leave a Comment