भारत-फिनलैंड संबंधों को मजबूत बताते हुए राष्ट्रपति मुर्मु से मिले अलेक्जेंडर स्टब

नई दिल्ली, 5 मार्च: फिनलैंड के राष्ट्रपति डॉ. अलेक्जेंडर स्टब ने गुरुवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की. इस बैठक में राष्ट्रपति स्टब ने भारत और फिनलैंड के बीच मजबूत संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत, फिनलैंड को एक बहुमूल्य और भरोसेमंद साझेदार मानता है.

राष्ट्रपति स्टब ने खुशी व्यक्त की कि भारत-फिनलैंड के रिश्ते नवाचार, क्लीन टेक्नोलॉजी, शिक्षा और आर्थिक सहयोग जैसे मुख्य स्तंभों पर आधारित एक ऊर्जावान साझेदारी में विकसित हो गए हैं.

इससे पहले, राष्ट्रपति स्टब ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग में अपने विचार साझा किए. उन्होंने पीएम मोदी के कूटनीतिक कौशल की भी सराहना की.

राष्ट्रपति स्टब ने कहा, “भारत दुनिया के सबसे बड़े और प्रभावशाली देशों में से एक है और यह सबसे बड़ा लोकतंत्र है. आप अब यूरोप के लिए एक प्रमुख रणनीतिक साझेदार हैं और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक हैं.”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में राष्ट्रपति स्टब के साथ द्विपक्षीय बातचीत की और दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की. इस दौरान कई एमओयू पर हस्ताक्षर भी हुए, जो व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को और प्रबल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारा बढ़ता सहयोग विकास और साझा समृद्धि को नई ऊँचाइयों पर ले जा रहा है. 2026 की शुरुआत में ऐतिहासिक एफटीए समझौता हुआ, जो दोनों देशों के बीच व्यापार और तकनीकी सहयोग को और मजबूत करेगा.

उन्होंने फिनलैंड और भारत के संबंधों का जिक्र करते हुए बताया कि नोकिया के मोबाइल फोन और टेलीकॉम नेटवर्क ने करोड़ों भारतीयों को जोड़ा है. फिनलैंड के आर्किटेक्ट के सहयोग से हमने चिनाब नदी पर विश्व का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज बनाया है. इसके अलावा, फिनलैंड की साझेदारी से असम के नुमालीगढ़ में दुनिया की सबसे बड़ी असम बायो इथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड (एबीईपीएल) रिफाइनरी का निर्माण किया गया है.

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