Thursday , 25 February 2021

अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर बांग्लादेश में पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन


ढाका . बांग्लादेश में अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर पाकिस्तान के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया. राजधानी ढाका में इस प्रदर्शन के दौरान साइकिल रैली और सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसमें शामिल लोगों ने स्वतंत्रता आंदोलन और बंगला भाषा को दबाने के लिए पाकिस्तान की आलोचना की. बांग्लादेश सोशल एक्टिविस्ट्स फोरम (बीएसएएफ), देश के राष्ट्रवादी आंदोलन की नींव रखने वाले एक प्रमुख गैर सरकारी संगठन ने देश के विभिन्न हिस्सों में बैठकें कीं और रैलियां भी निकाली.

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इस अवसर पर वक्ताओं ने बंगाली राष्ट्रीय आंदोलन में जान गंवाने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि दी और बंगाली राष्ट्रीय आंदोलन और बांग्लादेश के स्वतंत्रता संग्राम को दबाने की कोशिश करने वाले पाकिस्तानी हुक्मरानों के कड़े शासन की आलोचना की. इस मौके पर भारत- बांग्लादेश समरसता संघ (बीबीएसएस) वेलफेयर एसोसिएशन ने साइकिल रैली का आयोजन किया. संगठन के अध्यक्ष तौफीक अहमद तसफिर के नेतृत्व में रैली में लगभग 135 लोगों ने हिस्सा लिया.

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कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि निर्दोष बांग्लादेशियों को पाकिस्तानी बलों ने प्रताड़ित किया. वे बंगाली लोगों की बोलने की स्वतंत्रता को दबा देना चाहते थे. उन्होंने कहा हम पाकिस्तान को माफ नहीं करेंगे, जिन्होंने मातृभाषा में बोलने के लिए एक मां की गोद खाली कर दी. जिन्हें अपनी बांग्ला भाषा स्वीकार नहीं की, वे हमारे दोस्त नहीं हो सकते. ढाका में बीएसएएफ के स्वयंसेवकों ने ढाका सेंट्रल शहीद मीनार में पुष्पांजलि अर्पित की, जिसके बाद ढाका विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय संग्रहालय होते हुए लोगों ने रैली निकाली. इस समारोह में स्वतंत्रता सेनानियों, बुद्धिजीवियों, विद्वानों आदि ने भाग लिया. रैली के दौरान, 1952 में बंगाली भाषा के आंदोलन को दबाने के प्रयास के लिए पाकिस्तान की निंदा करने वाले पोस्टर प्रदर्शित किए गए.

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