अगले साल के शुरू में उपलब्‍ध होगी वैक्‍सीन

नई दिल्‍ली . कोविड-19 वैक्‍सीन (Covid-19 Tika) को लेकर केंद्र सरकार ने ताजा जानकारी दी है. स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री डॉ हर्षवर्धन के अनुसार, भारत में जो वैक्‍सीन कैंडिडेट्स हैं, उनमें से तीन ऐसी हैं जो फेज 1, 2 और 3 में पहुंच गई हैं. हर्षवर्धन ने राज्‍यसभा में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गाइडेंस में एक्‍सपर्ट्स का एक ग्रुप भी बना है जो वैक्‍सीन से जुड़े डेवलपमेंट्स पर नजर रखे हुए हैं.

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उन्‍होंने उम्‍मीद जताई कि अगले साल की शुरुआत में भारत के भीतर कोविड-19 वैक्‍सीन उपलब्‍ध हो जानी चाहिए. उन्‍होंने कहा कि हम दुनिया के उन गिने-चुने देशों में से हैं जिन्‍होंने इस वायरस को आइसोलेट किया है. हालांकि मंत्री ने ताकीद करते हुए कहा कि वैक्‍सीन जब आएगी तो जादू की तरह एक मिनट में 135 करोड़ लोगों को लगाकर इम्‍युनिटी नहीं दे पाएगी.

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हर्षवर्धन ने कहा कि उतनी वैक्‍सीन तैयार होने में वक्‍त लगेगा. हषवर्धन ने यह तो नहीं बताया कि कौन सी तीन वैक्‍सीन कैंडिडेट्स हैं जो डेवलपमेंट में हैं, लेकिन भारत में फिलहाल कोविड-19 की कई वैक्‍सीन डेवलप हो रही हैं. उनमें से टॉप-3 कौन सी हैं, आइए जानते हैं.

ICMR के महानिदेशक बलराम भार्गव के अनुसार, सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (SII) वैक्‍सीन का फेज 3 ट्रायल कर रहा है. यह वैक्‍सीन ऑक्‍सफर्ड यूनवर्सिटी और फार्मा कंपनी अस्‍त्राजेनेका ने मिलकर तैयार की है. यह दुनिया की सबसे ऐडवांस्‍ड वैक्‍सीन कैंडिडेट्स में से एक है.

सीरम इंस्टिट्यूट देशभर में 14 जगहों पर डेढ़ हजार लोगों पर इस वैक्‍सीन का ट्रायल करेगा. इस वैक्‍सीन का कोडनेम ChAdOx1-S है और यह नॉन-रेप्लिकेटिंग वायरल वेक्‍टर वैक्‍सीन है. भारत के अलावा इस वैक्‍सीन का ब्रिटेन, अमेरिका, ब्राजील समेत कई देशों में ट्रायल चल रहा है. देश में हो रहे कोरोना वैक्‍सीन के सभी ट्रायल्‍स पर ICMR नजर रखे हुए है.

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इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और भारत बायोटेक ने मिलकर यह वैक्‍सीन तैयार की है. पुणे के नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ वायरलॉजी (NIV) में कोरोना के एक स्‍ट्रेन को आइसोलेट कर Covaxin बनी है.

यह एक ‘इनऐक्टिवेटेड’ वैक्‍सीन है. यानी इसमें कोरोना के मार दिए गए वायरस की डोज दी जाती है जिससे शरीर में वायरस के खिलाफ ऐंटीबॉडीज बनती हैं. भारत बायोटेक ने पिछले दिनों बताया कि जानवरों पर यह वैक्‍सीन पूरी तरह सेफ और असरदार रही. फिलहाल देश में इस वैक्‍सीन का फेज 2 ट्रायल चल रहा है.

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जायडस कैडिला हेल्‍थकेयर की वैक्‍सीन ZyCov-D का इंसानों पर फेज 1 क्लिनिकल ट्रायल चल रहा है. ड्रग्‍स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DGCI) ने देश में बनी इस वैक्‍सीन के ह्यूमन ट्रायल की परमिशन जुलाई में दी थी.

डीएनए पर आधारित जायडस कैडिला की यह वैक्‍सीन अहमदाबाद के वैक्‍सीन टेक्‍नोलॉजी सेंटर (VTC) में डेवलप की गई है. कंपनी ने कहा था, हमने क्लिनिकल ट्रायल में इम्‍युनिटी टेस्‍ट में अच्‍छे नतीजे हासिल किए हैं.’ ये वैक्‍सीन पहले चूहों और खरगोश पर टेस्‍ट की गई है और उसका डेटा DGCI को सबमिट किया गया था.


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