आगरा के जूता निर्यातकों ने चीन को दिया 400 करोड़ का झटका

आगरा (Agra). लद्दाख में बीते 15 जून को गलवान घाटी पर भारत-चीन के बीच हुए विवाद में 20 भारतीय जवानों के शहीद होने के बाद देश चीन के बहिष्कार की मुहिम शुरु हो गई है. ताजनगरी आगरा (Agra) में जूता निर्यातकों ने भी चीन को झटका देने की तैयारी कर ली है. आगरा (Agra) फुटवियर मैन्यूफैक्चर्स एंड एक्सपोर्ट चेंबर एफमैक ने मीट एट आगरा (Agra) में चीन की कंपनियों के प्रवेश पर रोक लगा दी है.
यह जूता निर्यातकों की संस्था है जिसने चीन को लगभग 400 करोड़ रुपए का का झटका देने की तैयारी कर ली है. वहीं मेट्रो ट्रेन का ठेका भी चीनी कंपनी से छीन लिया गया है. एफमैक का इस वर्ष 14 वें संस्करण का तीन दिवसीय कार्यक्रम अक्तूबर के अंत में होगा. इसमें मशीन और कंपोनेंट्स की देश दुनिया से लगभग 225 कंपनियां शामिल होती हैं. जिसमें ताईवान, इटली, जर्मनी के अलावा चीन से करीब 20 कंपनियां भाग लेती हैं.

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एफमैक के अध्यक्ष पूरन डावर ने बताया कि मौजूदा हालात में संस्था ने चीन को न बुलाने के फैसला लिया है. इससे चीन का औसतन 400 करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित होगा. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने भी चीन को झटका दिया है. सूत्रों के अनुसार कानपुर (Kanpur) और आगरा (Agra) मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए चीन की कंपनी को अयोग्य माना गया है और मेट्रो ट्रेन बनाने का ठेका बॉम्बार्डियर इंडिया कंपनी को दिया गया है.

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इस कंपनी के गुजरात स्थित प्लांट से आगरा (Agra) और कानपुर (Kanpur) मेट्रो ट्रेनों की सप्लाई की जाएगी, जो ‘मेक इन इंडिया’ मुहिम को मजबूती देगी. इसके लिए चीन की कंपनी सीआरआरसी नैनजिंग पुजहेन लिमिटेड ने भी निविदा भरी थी लेकिन तकनीकी खामियां पाए जाने के कारण चीनी कंपनी को अयोग्य घोषित कर दिया गया. बॉम्बार्डियर ट्रांसपोर्ट इंडिया प्राइवेट लि. एक भारतीय कॉन्सोर्सियम (कंपनियों का समूह) है.

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