इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सरकार ने शुरू किया ‘स्विच दिल्ली ’अभियान

नई दिल्ली (New Delhi) . दिल्ली सरकार ने घोषणा की कि वह छह महीने के अंदर अपनी कारों के पूरे बेड़े को इलेक्ट्रिक वाहनों में बदल देगी. सरकार ने कहा कि उसे उम्मीद है कि उसका निर्णय देश और दुनिया के अन्य शहरों को प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की समस्या से निपटने के लिए प्रेरित करेगा, जिसकी इस समय बहुत जरूरत है.

राज्य के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने दिल्ली के लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए प्रोत्साहित करने के लिए स्विच दिल्ली प्रतिज्ञा अभियान शुरू किया है. कैलाश गहलोत ने कहा इसे अधिक से अधिक दिल्लीवासियों को ईवी नीति का हिस्सा बनने के लिए प्रोत्साहित करने और दिल्ली को भारत की ईवी राजधानी बनाने में मदद करने के लिए लांच किया गया है. गहलोत ने दावा किया कि ईवी नीति के तहत दिल्ली में देश में सबसे अधिक सब्सिडी दी जा रही है. जिसमें 1.5 लाख सब्सिडी, पंजीकरण, और रोड टैक्स में छूट शामिल है, जो करीब 3 लाख बैठती है.

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उनके अनुसार, दिल्ली की ईवी नीति में दी जाने वाली सब्सिडी इलेक्ट्रिक कारों के स्वामित्व की कुल लागत को 30 फीसदी तक कम कर रही है. एक व्यक्ति एक डीजल कार से ईवी पर स्विच करके प्रति माह 1050 रुपए बचा सकता है. आप के नेतृत्व वाली राज्य सरकार (State government) के पास 2,000 से अधिक कारें हैं. आम आदमी पार्टी की अगुवाई वाली सरकार ने निजी वाहनों के मालिकों को अगले तीन सालों में अपने वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों में तब्दील करने और अपने परिसरों में चार्जिंग पॉइंट स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए ‘स्विच दिल्ली’ नामक एक अभियान शुरू करने के एक दिन बाद यह घोषणा की.

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उपमुख्यमंत्री (Chief Minister) मनीष सिसोदिया ने ट्वीट किया यह ऐतिहासिक पहल है! मुख्यमंत्री (Chief Minister) अरविंद केजरीवाल के दिल्ली को ‘इलेक्ट्रिक वाहन की राजधानी’ बनाने की परिकल्पना से प्रेरित होकर दिल्ली सरकार आज भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में पहली सरकार बन गई, जिसने छह महीने की समय सीमा के भीतर अपने कारों के पूरे बेड़े को इलेक्ट्रिक वाहन में तब्दील करने की घोषणा की है.

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सिसोदिया ने कहा कि इस निर्णय का प्रभाव 2,000 से अधिक कारों पर पड़ेगा और अगले छह माह में यह काम पूरा हो जाएगा. हमें उम्मीद है कि यह निर्णय भारत और दुनिया भर के शहरों और सरकारों को प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की समस्या से निपटने के लिए प्रेरित करेगा और इसकी अत्यंत आवश्यकता है. दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए पिछले साल अगस्त में इलेक्ट्रिक वाहन नीति शुरू की थी.

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