ईएसवीसी -2018: गिट्स की इलेक्ट्रिक सोलर कार को मिला राजस्थान में प्रथम स्थान एवं भारवर्ष में पांचवा स्थान

उदयपुर (Udaipur). ग्लोबल वार्मिंग और प्रदूषण,विश्व की ये दो ऐसी समस्याएं हैं जो दुनिया भर के लिये चुनौती बनी हुई हैं. दिन प्रतिदन वाहनों की बढ़ती मांग तथा औद्योगीकरण की तेज रफ्तार ने वातावरण के संतुलन को और भी बिगाड़ दिया है. डीजल और पेट्रोल (Petrol) से संचालित होने वाले वाहनों में प्रचुर मात्रा में हानिकारक गेसों का उत्सर्जन होता है जो की ग्लोबल वार्मिंग के लिए सीधे उत्तरदायी है ऐसे में आने वाला भविष्य में काफी हद तक वैकल्पिक ऊर्जा के बारे में समाज को सोचना होगा. इसी बात को ध्यान में रखते हुए राजस्थान (Rajasthan)(उदयपुर (Udaipur)) के गीतांजली इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्निकल स्टडीज के ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग तथा मैकेनिकल इंजिनियर के छात्रों ने मिलकर एक ऐसी कार डिजाइन की है जो सौर ऊर्जा तथा इलेक्ट्रिक उर्जा से चलती है. इस कार की विशेषता इसमें लगाया गया सोलर पैनल और इसकी डिज़ाइन है. इस कार को  सौर ऊर्जा और बैटरी दोनों के द्वारा संचालित किया जा सकता है.

  दिवाली से पहले भारतीय बाजार में 5जी मोबाइल लेकर आएगी लावा

संस्थान के निदेशक डा. विकास मिश्र ने बताया कि इस कार ने आइ.एस.आई.ई. के बैनर तले आंध्र प्रदेश (Andra Pradesh)(भीमावरम) में आयोजित इलेक्ट्रिक सोलर व्हेकल चैम्पियनशिप (ई.एस.वी.सी. -2018) में 76 टीमों सहित भाग लिया. जिसमे गिट्स द्वारा निर्मित सोलर कार को इलेक्ट्रिक सोलर व्हेकल चैम्पियनशिप (ई.एस.वी.सी-2018) की प्रतियोगिता में राजस्थान (Rajasthan)स्तर पर प्रथम स्थान, उत्तर भारत में द्वितीय तथा देश भर में पांचवा स्थान मिला है. इलेक्ट्रिक सोलर व्हीकल चैम्पियनशिप (ई.एस.वी.सी-2018) एशिया का सबसे बड़ा सौर वाहन डिजाइन और निर्माण कार्यक्रम है.

  रेडमी 9सी स्मार्टफोन आया अब नए अवतार में - फोन की बिक्री 3 अगस्त से शुरू होगी

विभागाध्यक्ष ऑटोमोबाइल दिप्ती खत्री के अनुसार इस सोलर कार का उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करके एक ऐसे वाहन का निर्माण करना है जो स्मार्ट सिटी के तहत शुन्य प्रदुषण वाहन के नाम से अपनी छाप छोड़ सके. उल्लेखनीय है कि सोलर कार निर्माण करने वाली टीम को “आई.एस.आ.ई. फ्यूचर अवार्ड एडवेंचर क्लास” द्वारा सम्मानित किया गया है साथ ही 50,000 रुपये का पुरस्कार मिला है.

इस प्रोजेक्ट के सलाहकार, असिस्टेंट प्रोफेसर नवनीत मिश्रा ने कहा कि यह इलेक्ट्रिक सोलर कार एक बार पूर्ण चार्ज होने के बाद जबरदस्त पिक-अपके साथ 45 किलोमीटर प्रतिघंटा की अधिकतम रफ़्तार से चलती है. इलेक्ट्रिक उर्जा से चार्ज करने में इस सोलर कार लगभग 3 घंटे लगते हैं वही सौर उर्जा द्वारा यह कार 6 घंटे में पूरी तरह चार्ज होती है. वित्त नियन्त्रण बी. एल. जांगिड ने छात्रों को इस सफलता के लिए बधाई दी.

  सैमसंग का नया फोल्डेबल स्मार्टफोन पेश होगा 11 को -कंपनी को उम्मीद, आते ही छा जाएगा बाजार में

The post ईएसवीसी -2018: गिट्स की इलेक्ट्रिक सोलर कार को मिला राजस्थान (Rajasthan)में प्रथम स्थान एवं भारवर्ष में पांचवा स्थान appeared first on .

न्‍यूज अच्‍छी लगी हो तो कृपया शेयर जरूर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *