कच्चे माल की कीमतें बढ़ने से संकट में घिरी प्रिंटिंग इंडस्ट्री

लुधियाना . कोरोना महामारी (Epidemic) की चुनौतियों के बीच कच्चे माल की कीमतें बढ़ने से प्रिंटिंग इंडस्ट्री संकट में घिर गई है. ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ मास्टर्स प्रिंटर्स के प्रधान प्रो. कमल चोपड़ा ने बताया कि देश में 85 प्रतिशत प्रिंटिंग इंडस्ट्री इकाइयां लघु या छोटी हैं. कच्चे माल की कीमतों व प्रमुख तौर पर पेपर, प्लेट्स व केमिकल आदि के रेटों में की गई बढोतरी ने इस इंडस्ट्री को हिलाकर रख दिया है.

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प्रिंटर्स पहले ही लेबर व किराए में हुई बढोतरी से मुश्किलों का सामना कर रहे हैं. देश में जरूरी वस्तुओं संबंधी कानून 1955 में लागू हुआ और इसमें पेपर, न्यूज प्रिंट, पेपर बोर्ड व स्ट्रा बोर्ड को शामिल किया गया, लेकिन इस कानून को पूरी तरह लागू नहीं किया गया. सरकार प्रिंटिंग इंडस्ट्री का भविष्य सुरक्षित रखने हेतु उचित कदम उठाए और यह यकीनी बनाए कि प्रिंटिंग उद्योग से संबंधित कच्चे माल की कीमतों में आए दिन बढोतरी न हो.

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