कभी सोचा : यदि चंद्रमा पृथ्वी के करीब आ जाए तो क्या होगा…

हमारी धरती अपनी धुरी पर टिके रहकर सूर्य के चारो तरफ एक अंडाकार पथ पर घूमती रहती है. इसका प्रमुख कारण धरती पर लगने वाला अभिकेंद्रीय बल है. हालांकि, धरती के चंद्रमा की गुरुत्वाकर्षण शक्ति इस बल को बाधित करती रहती है. इस कारण ही समुद्रों में ज्वार का निर्माण होता है.

अमावस्या और पूर्णिमा के दिन सूर्य, चंद्रमा और धरती एक सीध में होते हैं इसलिए आपने देखा होगा कि उस दिन समुद्र में शक्तिशाली लहरें बनती हैं. इसे उच्च ज्वार कहा जाता है. चंद्रमा, सूर्य से 2.6 लाख गुना छोटा है लेकिन सूर्य की तुलना में धरती से 380 गुना ज्यादा नजदीक है. इसलिए चंद्रमा की समुद्रों में ज्वार बनाने की क्षमता सूर्य की तुलना में 2.17 गुना अधिक है. अब जरा सोचिए कि हमारी धरती से इतनी दूर रहते हुए चंद्रमा समुद्रों में इतने शक्तिशाली ज्वार का निर्माण कर सकता है तो अगर वह पास आ जाए तो क्या होगा.. अगर चंद्रमा अपनी वर्तमान दूरी का 20 गुना नजदीक आ जाए तो वह हमारी धरती पर गुरुत्वाकर्षण शक्ति को 400 गुना शक्तिशाली बना देगा. इससे तटीय क्षेत्रों में सुनामी आएगी और तबाही मच जाएगी. इससे समुद्रों में शक्तिशाली ज्वार का निर्माण होगा जिससे मुंबई, लंदन और न्यूयार्क जैसे समुद्र के किनारे बसे शहर पानी में डूब जाएंगे. धरती का इको-सिस्टम इससे प्रभावित होगा और बड़े पैमाने पर जनहानि होगी. इसके कारण धरती का परिक्रमा पथ भी बदल सकता है. जिसका सीधा प्रभाव मौसम पर पड़ेगा. धरती पर कई जीवों और वनस्पतियों का खात्मा हो जाएगा. जब चंद्रमा हमारी धरती से दूर चला जाएगा तो समुद्री जल वापस अपनी जगह पर चला जाएगा.
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