काले गेहूं की खेती बदल सकती है किसानों की किस्मत

अब ब्लैक राइस के बाद अब काले गेहूं की खेती की शुरुआत होने जा रही है. आमतौर कोई यहां के किसान सामान्य गेहूं की ही खेती करते हैं जिससे उन्हें प्रति एकड़ महज 20 हजार तक ही मुनाफा होता है‌. गुणवत्ता से परिपूर्ण काले गेहूं की खेती से किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी, साथ ही साथ लोगों के लिए स्वास्थ्यप्रद भी होगा. सामाजिक संस्था आवाज एक पहल के माध्यम से इस बार बिहार (Bihar)के सैकड़ों किसान इसकी खेती की तैयारी कर रहे हैं. संस्था के लव कुश ने बताया कि काला गेहूं पौष्टिकता से परिपूर्ण है.

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अक्टूबर में बुआई

इसकी खेती की प्रक्रिया आम गेहूं की जैसी ही है, बस इसमें समय का विशेष ख्याल रखना पड़ता है. इसकी बुअाई अक्टूबर के आखिरी सप्ताह से लेकर नवंबर महीने तक कर देनी चाहिए. समय में देरी से इसका उत्पादन और गुणवत्ता दोनों प्रभावित होता है.

कीमत 6000/क्विंटल

काले गेहूं की खेती किसानों के लिए भी आमदनी का नया स्रोत है. प्रति एकड़ 20 क्विंटल तक पैदावार देने वाले इस काले गेहूं की बाजार भाव ₹6,000 प्रति क्विंटल से भी अधिक है जिससे किसानों को समान्य गेहूं मुकाबले अधिक आमदनी होती है. इसकी खेती भी समान है.

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अधिक पौष्टिक

काले गेहूं में समान्य गेहूं के मुकाबले 60 प्रतिशत अधिक आयरन, 30 प्रतिशत अधिक जिंक और एंटी ऑक्सीडेंट की काफी अच्छी खासी मात्रा पाई जाती है. लाइफस्टाइल से संबंधित बीमारियां जैसे डायबिटीज, मोटापे और हृदय रोगों में यह काफी प्रभावकारी है.

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