गिलगिट-बाल्टिस्तान को अब अपना पांचवां राज्य बनाने की फिराक में पाकिस्तान : अमजद मिर्जा


जिनेवा. पाकिस्तान कश्मीर से सटे गिलगिट-बाल्टिस्तान क्षेत्र पर अवैध कब्जा किए बैठा है और अब वह चीन को खुश करने के लिए इसको अपना पांचवां पूर्ण राज्य बनाने की फिराक में है. इमरान सरकार (Government) किसी भी दिन इसकी घोषणा कर सकती है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को चीन ने गिलगित-बाल्टिस्तान पर कब्जा करने के लिए मजबूर किया है क्योंकि वह अरबों डॉलर (Dollar) की अपनी महत्वकांशी सीपीईसी परियोजना को हर हाल में पूरा करना चाहता है.

जबकि इस क्षेत्र के लोग इसका विरोध कर रहे हैं और इमरान सरकार (Government) चुप बैठी है. दरअसल भारत द्वारा जम्मू और कश्मीर (Jammu and Kashmir) की विशेष स्थिति को समाप्त करने के बाद से पाकिस्तान और चीन को तीव्र दबाव का सामना करना पड़ रहा है. डॉ. मिर्ज़ा का मानना ​​है कि पाकिस्तान के लिए गिलगित-बाल्टिस्तान पर कब्जा करना और इसे पांचवां प्रांत बनाना आसान नहीं है क्योंकि गिलगित-बाल्टिस्तान कश्मीर मुद्दे का हिस्सा है, जो संयुक्त राष्ट्र में लंबित है. सीपीईसी चीन की महत्वाकांक्षी मल्टी-बिलियन-डॉलर (Dollar) बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) की प्रमुख परियोजना है. भारत ने परियोजना को लेकर चीन का विरोध किया है क्योंकि यह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से होकर जा रहा है. भारत पहले ही पाकिस्तान को साफ शब्दों में बता चुका है कि गिलगिट-बाल्टिस्तान पर उसका कोई अधिकार नहीं है.

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केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पूरा इलाका भारत का अभिन्न अंग है, जो कि विधि सम्मत और अपरिवर्तनीय है. पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके में ठोस बदलाव करने के इस्लामाबाद की कोशिशों का मई में भारत ने कड़ा विरोध किया था. भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा था कि पाकिस्तान सरकार (Government) और उसकी न्यायपालिका का अवैध रूप से कब्जाए गए इन इलाकों पर कोई अधिकार नहीं है. भारत जबरन कब्जाए गए इलाकों में ठोस बदलाव करने के इस्लामाबाद के प्रयासों को खारिज करता है. भारत ने यह भी कहा था कि पाकिस्तान को तुरंत पूरे इलाके को खाली कर देना चाहिए.

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