Thursday , 28 January 2021

चरित्रवान युवा तैयार करना शिक्षकों का दायित्व

जबलपुर, 25 दिसंबर . नई शिक्षा नीति का सफलतापूर्वक क्रियान्वित करना हम सभी का दायित्व होना चाहिए. नई शिक्षा नीति के अनुरूप संस्कारी, ज्ञानवान एवं चरित्रवान युवा गढ़ने का कार्य शिक्षकों का है. इस कार्य को पूरी ईमानदारी, निष्ठा और दायित्व के साथ करने का प्रयास होना चाहिए. युवाओं की पूंजी हमारे हाथ में है, हम उन्हें जिस तरह तैयार करेंगे वैसा ही राष्ट्र हमारे सामने होगा. विश्वविद्यालय यूूजीसी मानव संसाधन केन्द्र में शिक्षकों को पूरे अनुशासन से निष्ठा, ईमानदारी और निरंतर स्वाध्याय के लिए प्रेरित करके उनकी दक्षता में वृद्धि की जाती है. उक्त विचार कुलपति प्रो.कपिल देव मिश्र ने गुरुवार (Thursday) को विश्वविद्यालय के यूजीसी मानव संसाधन केंद्र के तत्वाधान में आयोजित एक माह के गुरूदक्षता वर्चुअल फैकल्टी इंडक्शन प्रोग्राम के समापन कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए व्यक्त किए.

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अच्छे से करें नई शिक्षा नीति का अध्ययन……………..

फैकल्टी इंडक्शन प्रोग्राम समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में यूजीसी एचआरडी वाराणसी (Varanasi) के डायरेक्टर प्रो. आनंद वर्धन शर्मा ने सभी शिक्षकों से नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का अच्छे से अध्ययन करने का आव्हान करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को संस्कारित और ज्ञानवान कराने का कार्य शिक्षक का है. राष्ट्र और समाज में अपने उल्लेखनीय योगदान के चलते शिक्षकों का समाज में विशेष सम्मान है. विशिष्ट अतिथि के रूप में बीएलए कॉलेज मुम्बई (Mumbai) के डॉ. जितेन्द्र आहरकर ने क्वालिटी एजुकेशन पर जोर देते हुए बताया कि शिक्षकों को कक्षा में जाने के लिए पहले से ही पूरी तैयार अपने विषय को लेकर तैयार होना चाहिए.

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फीडबैक में प्रतिभागियों ने सांझा किए अपने अनुभव…………

एक माह के फैकल्टी इंडक्शन प्रोग्राम के अपने अनुभव शेयर करते हुए मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) , उत्तरप्रदेश (Uttar Pradesh) एवं महाराष्ट्र (Maharashtra) से ऑनलाईन जुड़े प्रतिभागी डॉ. जयकांत रीवा एमपी, डॉ. अभय सक्सेना कानपुर (Kanpur) यूपी, अमिता होल्से छिंदवाड़ा एमपी, डॉ. रविश तमन्ना ताजिर रीवा ने फैकल्टी इंडक्शन प्रोग्राम के दौरान विशेषज्ञों के व्याख्यानों व प्रैक्टिकल वर्क को सराहा और इसकी उपयोगिता की जानकारी प्रदान की. रादुविवि एचआरडीसी डायरेक्टर प्रो. कमलेश मिश्र ने फैकल्टी इंडक्शन प्रोग्राम को बदलती वैश्विक परिस्थिति में प्रासंगिक बताते हुए नए-नए नवाचारों की जानकारी प्रदान की. संचालन एवं आभार प्रदर्शन फैकल्टी इंडक्शन प्रोग्राम समन्वयक प्रो. राजेश्वरी राणा उप निदेशक मानव विकास केंद्र के द्वारा किया गया. इस रिप्रâेशर कोर्स में शामिल देश के विभिन्न राज्यों के महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय के शिक्षकों को एचआरडीसी के डॉ. संजीव पाण्डेय द्वारा वर्चुअल ई-सर्टिफिकेट प्रेषित किए गए.

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