चीन के साथ देश की व्यापार नीतियों का खुलासा करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका

नई दिल्ली (New Delhi). भारत-चीन तनाव के बीच बुधवार (Wednesday) को सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) में याचिका दायर कर चीन के साथ देश की व्यापार नीतियों का खुलासा करने की मांग की गई. वहीं याचिका में अडानी समूह, महाराष्ट्र (Maharashtra) और एक चीनी कंपनी के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) को रद्द करने की मांग की गई है. जम्मू-कश्मीर की वकील सुप्रिया पंडित ने याचिका शीर्ष अदालत में दायर की है, जिसमें अडानी समूह, केंद्र सरकार, गुजरात सरकार (Government) व महाराष्ट्र (Maharashtra) सरकार (Government) को प्रतिवादी बनाया गया है. याचिका में सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) से मांग की गई है कि चाइनीज कंपनी के साथ हुए करार को रदद करने का आदेश जारी किया जाए. बता दें दो दिन पहले भारत-चीन सीमा पर 20 सैनिकों के बलिदान के मद्देनजर केंद्र सरकार (Government) ने चीन के 59 मोबाइल एप पर रोक लगा दी है.

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बता दें तीन साल पहले अडानी समूह ने भारतीय बंदरगाह की निर्माण इकाई में 300 मिलियन अमरीकी डालर का निवेश करने के लिए चीन की सबसे बड़ी निजी कंपनियों के साथ एएमयू साइन किया था. उस समय अडानी और ईस्ट होप ग्रुप के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए, जिसमें गुजरात में मुंद्रा विशेष आर्थिक क्षेत्र में विनिर्माण इकाइयां स्थापित करने का प्रस्ताव है, जो सौर ऊर्जा उत्पादन उपकरण, रसायन, एल्यूमीनियम और पशु चारा का उत्पादन करने के लिए है. खबर के मुताबिक शंघाई में भारतीय वाणिज्य दूतावास के एक बयान में ऐसा कहा गया था. वहीं राज्य में एक विनिर्माण सुविधा के लिए महाराष्ट्र (Maharashtra) और ग्रेट वॉल मोटर्स ने 1 बिलियन डॉलर (Dollar) का एमओयू साइन किया था.

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