नई नीति से बार फीस नहीं जमा कराने का लिया निर्णय : होटल एसोसिएशन उदयपुर ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

उदयपुर. होटल एसोसिएशन उदयपुर द्वारा नई आबकारी नीति में की गई फीस वृद्धि के खिलाफ सोमवार को अतिरिक्त आबकारी आयुक्त छोगाराम देवासी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया. एसोसिएशन के अध्यक्ष भगवान वैष्णव के नेतृत्व में पदाधिकारियों और सदस्यों ने छोगाराम देवासी से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा, साथ ही उन्हें बताया कि जिस तरह से साढ़े 8 लाख की सालाना फीस को 20 लाख, 10 लाख की फीस को 25 लाख और 12 लाख की फीस को 30 लाख किया गया है, यह किसी भी होटल बार संचालक के लिए जमा कराना संभव नहीं है.

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राजस्थान सरकार का यह निर्णय बिल्कुल भी तर्कसंगत नहीं है. हेरिटेज होटल के लिए भी फीस को 3 गुना कर दिया गया है, जिससे बार होटल का संचालन पूर्णरूप से ठप्प हो जाएगा. साथ ही साथ पर्यटन के लिहाज से भी शहर को नुकसान होगा क्योंकि उदयपुर में सर्वाधिक आय पर्यटन से होती है और इस नीति से अगर बार संचालन बंद हो जाते है तो पर्यटकों की आवक के साथ ही पर्यटकों से होने वाली आय भी बंद हो जाएगी. वर्तमान में जिस तरह से आर्थिक मंदी का दौर चल रहा है, ऐसे में इस आबकारी नीति से पर्यटकों की सुविधा के लिए शहर में चल रहे बार रेस्टोरेंट के लिए इतनी फीस जमा कराना किसी भी रूप में संभव नहीं है.

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ज्ञापन देने के साथ ही पदाधिकारियों ने छोगाराम देवासी से निवेदन भी किया कि उनकी मांग को सरकार तक पहुंचाया जाए. होटल बार संचालकों की मांग है कि इस फीस में वह कमी चाहते थे, जबकि उसके विपरीत सरकार ने फीस को और बढ़ा दिया है. ऐसे में या तो जो फीस वर्तमान में है, उसे यथावत रखा जाए अन्यथा उदयपुर होटल एसोसिएशन ने निर्णय लिया है, कि कोई भी होटल बार संचालक इस बढ़ी हुई फीस को जमा नहीं कराएगा और इसका पुरजोर विरोध करेगा.

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