फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स के खौफ में पाकिस्तान, मसूद अजहर को गिरफ्तार करने के आदेश

इस्लामाबाद . वैश्विक आतंकी वित्त पोषण निगरानी संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) का खौफ पाकिस्तान पर बढ़ता नजर आ रहा है. पाक की आतंकवाद रोधी अदालत ने पंजाब (Punjab) पुलिस (Police) को अल्टीमेटम देकर कहा है कि संयुक्त राष्ट्र से वैश्विक आतंकवादी के रूप में घोषित जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को आतंकी वित्त पोषण से जुड़े मामले में 18 जनवरी तक गिरफ्तार करें. अजहर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट आतंकवाद रोधी अदालत (एटीसी) गुजरांवाला ने जारी किया है. इसके पहले लाहौर के एंटी टेरर कोर्ट ने 26/11 मुंबई (Mumbai) हमले के मास्‍टरमाइंड और लश्कर ए तैयबा के आंतकी जकीउर रहमान लखवी को आतंकवाद को समर्थन और वितीय मदद करने के मामले में 15 साल की सजा सुनाई है. पाक इन कार्रवाइयों को एफएटीएफ की वित्तीय प्रतिबंधों की ग्रे सूची से बाहर निकलने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है.

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अधिकारी ने कहा, एटीसी गुजरांवाला न्यायाधीश (judge) नताशा नसीम सुप्रा ने सुनवाई के दौरान सीटीडी को जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जाए. अजहर आतंकी वित्तपोषण और आतंकी सामग्री के प्रचार-प्रसार के आरोपों का सामना कर रहा है. अजहर आतंकी वित्तपोषण और आतंकी सामग्री के प्रचार-प्रसार के आरोपों का सामना कर रहा है. मसूद अजहर आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद का स्थापक और नेता है. जैश-ए-मोहम्मद मुख्यतः पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में सक्रिय आतंकी संगठन है. मसूद अजहर 2019 में पुलवामा में सीआरपीएफ (Central Reserve Police Force) काफिले पर हमला कर 40 जवानों की हत्या (Murder) कराने और साल 2001 में भारतीय संसद पर आतंकी हमले का मास्टरमाइंड है.

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वह इन दोनों आतंकी हमलों के अलावा भी भारत में कई अन्य वारदातों के लिए वांछित है. उसे 1999 में आतंकियों ने भारतीय विमान आईसी-814 का अपहरण करने के बाद काबुल ले जाकर यात्रियों (Passengers) के बदले रिहा कराया था. रिहा होने के बाद ही अजहर ने जैश-ए-मोहम्मद का गठन कर भारत में आतंकी हमले कराने शुरू किए थे. मई 2019 में अजहर को संयुक्त राष्ट्र ने वैश्विक आतंकी घोषित किया था. यह कदम भारत की तरफ से एक दशक से किए जा रहे प्रयासों के बाद उठाया गया था. अजहर ने माना था कि 1993 में वहां अल कायदा के सोमालियाई समर्थक संगठन अल इतिहाद अल इस्लामिया के नेताओं से मिलने केन्या गया था.

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अल इस्लामिया ने अजहर के संगठन हरकत उल मुजाहिद्दीन से अपनी गतिविधियों के लिए पैसे और कार्यकर्ता माँगे थे. भारतीय गुप्तचर अधिकारियों के अनुसार वहां कम से कम तीन बार गृह-युद्ध से त्रस्त देश सोमालिया जा चुका था. एटीसी गुजरांवाला ने आतंकी वित्त पोषण मामले में सुनवाई के दौरान गुरुवार (Thursday) को अजहर की गिरफ्तारी का वारंट जारी किया था. यह मामला पंजाब (Punjab) पुलिस (Police) के काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (सीटीडी) की तरफ से दाखिल किया गया है. सुनवाई के दौरान सीटीडी को अजहर को 18 जनवरी तक गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने के लिए कहा.

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