बिजली वितरण कंपनियों को राहत, मोदी सरकार ने लिया बड़ा फैसला


नई दिल्ली (New Delhi). केंद्र की मोदी सरकार (Government) ने वित्तीय संकट से जूझ रही राज्य बिजली वितरण कंपनियों को राहत देने के लिए एक बड़ा फैसला किया है. उज्ज्वल डिस्कॉम एश्योरेंस योजना (उदय) में शामिल डिस्कॉम्स को लोन लेने के लिए वर्किंग कैपिटल की लिमिट के नियमों में ढील दी गई है. प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में बुधवार (Wednesday) को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इससे जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी गई.छूट के बाद अब ये कंपनियां 90,000 करोड़ रुपये की लिक्विडिटी इनफ्यूजन स्कीम से लोन ले सकेंगी.

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बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा, बिजली क्षेत्र के एक समस्या है. बिजली खपत में कमी आई है. कंपनियां बिजली के बिल कलेक्ट नहीं कर पा रही हैं. पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएफसी) और रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉरपोरेशन (आरईसी)को वर्किंग कैपिटल लिमिट से 25 फीसदी से अधिक लोन देने की अनुमति दी गई है. इससे राज्य वितरण कंपनियों यानी डिस्कॉम्स के पास नकदी बढ़ जाएगी. वर्किंग कैपिटल लिमिट पिछले साल के राजस्व की 25 फीसदी है. अब इस लिमिट में छूट दी गई है.

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वित्त मंत्री ने मई में डिस्कॉम्स के लिए 90 हजार करोड़ रुपये की लिक्विडिटी इनफ्यूजन की घोषणा की थी. देश में कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए मार्च के अंत में लॉकडाउन (Lockdown) लगाया गया था. तभी से देश में बिजली की मांग में कमी आई है. हालांकि कुछ कंपनियां इस पैकेज के तहत लोन हासिल करने के लिए पात्र नहीं थीं क्योंकि वे उदय योजना के तहत वर्किंग कैपिटल लिमिट की शर्तों को पूरा नहीं कर पा रही थीं. इस योजना के तहत बैंक (Bank) और वित्तीय संस्थान किसी डिस्कॉम को उसके पिछले साल के रेवेन्यू के 25 फीसदी के बराबर ही वर्किंग कैपिटल दे सकते हैं. लेकिन अब इसमें छूट दे दी गई है.

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