ब्रह्माकुमारी संस्थान की प्रमुख राजयोगिनी दादी जानकी का निधन, माउंट आबू में ली अंतिम सांस

आबूरोड़. राजस्‍थान के सबसे बड़े आध्यात्मिक संगठन ब्रह्माकुमारी संस्था की मुख्य प्रशासिका और स्वच्छ भारत मिशन की ब्रांड एंबेसेडर राजयोगिनी दादी जानकी का निधन हो गया है. वे 104 साल की थीं. उन्होंने माउंट आबू के ग्लोबल हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली. सामने आ रही जानकारी के मुताबिक उन्होंने 27 और 27 की दरमियानी रात 2 बजे अंतिम सांस ली. राजयोगिनी दादी जानकी को मोस्ट स्टेबल माइंड इन वर्ल्ड का खिताब भी मिला था. मीडिया (Media) रिपोर्ट्स के मुताबिक दादी जानकी का अंतिम संस्कार दोपहर 3.30 बजे ब्रह्माकुमारी संस्थान के शांतिवन में किया जाएगा.

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ऐसा रहा दादी जानकी का जीवन

दुनियाभर में दादी के नाम से मशहूर राजयोगिनी दादी जानकी का जन्म 1 जनवरी 1916 को हैदराबाद सिंध में हुआ था जो अब पाकिस्तान में चला गया है. दादी जानकी ने 21 साल की उम्र में ही आध्यात्मिक पथ पर चलने का निर्णय ले लिया था. साल 1970 में उन्होंने भारतीय संस्कृति, मानवीय मूल्यों और राजयोग का संदेश देने के लिए पश्चिमी देशों का रुख किया था. उन्होंने विश्व के 140 देशों में ब्रह्माकुमारी केंद्रों की स्थापना की. इस दौरान उन्होंने लाखों लोगों के अंदर आध्यात्मिक चिंतन की इच्छा और मानव संस्कार के बीज बोए.

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2007 में बनीं थी मुख्य प्रशासिका

ब्रह्माकुमारी संस्थान की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि के निधन के बाद 27 अगस्त 2007 को राजयोगिनी दादी जानकी को संस्थान की मुख्य प्रशासिका बनाया गया था. बताते हैं कि उनके सानिध्य में लगभग 46 हजार युवा बहनों ने अपना जीवन ईश्वर की सेवा में समर्पित कर दिया. वे इन सभी की अभिभावक थी.

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