Sunday , 22 September 2019
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मप्र के 32 जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने, अलर्ट

भोपाल . पिछले कुछ दिनों से कई इलाकों में हो रही लगातार बारिश से हालात बेहद खराब हो गए हैं और कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है. करीब 11 जिलों में मूसलाधार बारिश और बाढ़ का ज्यादा असर है, वहीं 32 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है.

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बारिश की स्थिति को देखते हुए भोपाल, मंडला, सिवनी जिलों के स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है. प्रशासन ने जबलपुर, नरसिंहपुर, होशंगाबाद और हरदा सहित अन्य इलाकों में अलर्ट जारी किया है. भोपाल में रविवार को एक डेढ़ साल के बच्चे समेत दो लोगों की मौत हो गई.

लगातार भारी बारिश के कारण जिला कलेक्टर भोपाल तरुण पिथोडे ने सभी स्कूलों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं. डीएम ने कहा कि सभी सरकारी, निजी, सीबीएसइ और आईसीएसइ स्कूल सोमवार को बंद रहेंगे. इसके अलावा अन्य जिलों में भी अलर्ट जारी किया गया है.

स्थानीय पुलिस ने बताया कि रविवार को प्रेमपुरा घाट के पास एक युवक ऊपरी झील में बह गया. पानी में तेज बहाव और अंधेरे के कारण युवक को नहीं खोजा जा सका. वहीं एक बच्ची अनुष्का का शव पानी में बरामद किया गया. एसएचओ खजुरी एलडी मिश्रा ने कहा कि चाय की दुकान चलाने वाले प्रकाश की बेटी अनुष्का फंदा इलाके में रहती थी. वह अपनी बड़ी बहन पूजा (10) के साथ एक किनारे पर खड़ी थी, तभी उसका पैर फिसल गया और वह बहाव में बह गई.

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इटारसी के राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के हवालात में बंद पांच आरोपियों को रविवार को बारिश का पानी भरने के बाद थाने की पहली मंजिल पर ले जाना पड़ा. एसएचओ बीएस चौहान ने कहा कि दो आरोपियों को मोबाइल फोन चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है, जबकि बाकी आरोपियों पर गाड़ियों में चोरी का आरोप है. रविवार को उन्हें अदालत में पेश किया जाना था. हवालात में बारिश का पानी घुटने तक भर गया.

कोलार क्षेत्र में लगभग 20 परिवारों को स्थानांतरित किया गया है. कलियासोत बांध के चार स्लूस गेटों को सुबह खोले जाने के बाद धाम खेड़ा क्षेत्र में बाढ़ आ गई. रविवार शाम को छह फाटक और खोले गए. भोपाल महापालिका के फायर ब्रिगेड प्रभारी पंकज खरे ने बताया कि शुरुआत में निचले इलाकों में छह घरों को खाली करवाया गया.

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कोलांस नदी अपने सामान्य निशान से दस फीट ऊपर बह रही है. निचले इलाकों में के सारे घरों को खाली करने का आदेश जारी किया गया है. उन्होंने कहा कि प्रभावित इलाके के सरकारी प्राथमिक स्कूल को भी स्थानांतरित कर दिया गया है. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए क्षेत्र में चार टीमों को तैनात किया गया है.

कई इलाकों में जलभराव के कारण शहर में लगातार बारिश ने जीवन से बाहर कर दिया. राजीव नगर की बस्तियां भी जलमग्न हो गईं. स्थानीय विधायक और कानून मंत्री पीसी शर्मा ने स्थिति का जायजा लेने के लिए इलाके का दौरा किया. क्षेत्र के कुछ निवासियों को तत्काल स्थानांतरित करने के लिए जिला कलेक्टर को निर्देश दिए गए थे.

स्थानीय लोगों ने कहा कि इलाके में नालियों को चौड़ा नहीं किए जाने के कारण बाढ़ आई है. मंत्री ने कलेक्टर को झुग्गी क्षेत्रों में भोजन और राशन प्रदान करने का निर्देश दिया.

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नर्मदा नदी के पास स्थित शहरों में रहने वाले लोगों को जल निकायों से दूर रहने के लिए कहा गया है. बरगी का पानी सोमवार को होशंगाबाद पहुंच गया. तवा नदी का पानी नर्मदा में बहना शुरू हो चुका है. मंडला में नर्मदा खतरे के निशान से चार फीट ऊपर बह रही है. डाउनस्ट्रीम बरगी का विशाल जलाशय है जहां ऊपर भारी वर्षा के बाद जल स्तर तेजी से बढ़ता है.

प्रशासन ने जबलपुर, नरसिंहपुर, होशंगाबाद और हरदा सहित अन्य इलाकों में अलर्ट जारी किया है. नरसिंहपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना ने चेतावनी देते हुए कहा कि नर्मदा में 15 फीट से अधिक जल स्तर बढ़ सकता है. बरगी बांध के सभी 21 गेट खोल दिए गए हैं. बरगी का पानी नर्मदा में पहुंच गया है, जिससे और बाढ़ आने की आशंका है.

इसके अलावा इंदिरा सागर बांध के 20 गेटों में से 12 को खोला गया था. ओंकारेश्वर में 23 में से 14 बांध भी खोले गए हैं. यह नर्मदा घाटी में कहर पैदा कर रहा है और यहां गुजरात सरदार सरोवर बांध भर रहा है.


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