महिला व पुरुष एक दूसरे के पूरक:- एडवोकेट ऐश्वर्या भाटी

उदयपुर (Udaipur). बार एसोसिएशन, उदयपुर (Udaipur) की ओर से अपने सदस्य  साथियों एवं विधि छात्रों के लिए  शनिवार (Saturday) को लाइव ज़ूम वेबिनार की इस श्रृंखला में घरेलू हिंसा – समस्या व समाधान विषय पर वेबीनार का आयोजन किया गया. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) सरकार (Government) की अतिरिक्त महाधिवक्ता  एवं वरिष्ठ अधिवक्ता, सर्वोच्च न्यायालय की वक्ता : श्रीमती ऐश्वर्या जी भाटी इस सेमिनार को संबोधित करते हुए घरेेलू हिंसा से स्त्री का संरक्षण अधिनियम 2005 के विभिन्न प्रावधानों से अवगत कराया तथा अधिवक्ताओं की जिज्ञासाओंं को शांत किया.

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष शर्मा ने बताया कि लॉक डाउन के चलते न्यायिक कार्यों से वंचित तथा घरों में रहकर सरकार (Government) की एडवाइजरी का पालन कर रहे अधिवक्ताओं के नियमित कानून के ज्ञान को बनाए रखने के तथा नवयुवा अधिवक्ताओं को कानून की प्रति ज्ञानवर्धन कराने के प्रयोजन से लगातार विभिन्न विषय विशेषज्ञों की ओर से वेब सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) में प्रैक्टिस कर रही श्रीमती ऐश्वर्या भाटी दिल्ली से वेबीनार के माध्यम से घरेलू हिंसा से स्त्री का संरक्षण अधिनियम 2005 के गठन से पूर्व महिलाओं की स्थिति घरेलू विवाद पारिवारिक विवाद आर्थिक सामाजिक एवं नैतिक विवादों की पृष्ठभूमि पर विस्तार से प्रकाश डाला.

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अधिवक्ता भाटी ने घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 से स्त्री के संरक्षण के संदर्भ में दिए गए विभिन्न प्रावधानों कानून तथा महिलाओं को मिलने वाले उपचार आदि के बारे में विस्तार से बताया तथा प्रत्येक सेक्शन की व्याख्या की. घरेलू हिंसा में पीड़िता द्वारा प्रार्थना पत्र दायर करने पर किस किस को विपक्षी पक्षकार बनाया जा सकता है, उसके लिए आवश्यक शर्तें क्या है और उनसे किस प्रकार राहत प्राप्त की जा सकती है, को भी विस्तार से समझाया. वरिष्ठ अधिवक्ता ऐश्वर्या भाटी ने महिलाओं के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) द्वारा पारित विभिन्न निर्णय में शाहबानो केस एवं हीरल पीसा बनाम कुसुमलता के केस में मुंबई (Mumbai) उच्च न्यायालय द्वारा महिलाओं को दी राहत के बारे में भी उल्लेख किया.

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इस दौरान उन्होंने अधिवक्ताओं के ओपन सत्र में संवाद करते हुए विभिन्न प्रश्नों के उत्तर दिए. एडवोकेट महेंद्र नागदा ने महिला के संदर्भ में बने कानूनों में राहत मिलने में हो रही देरी पर सवाल उठाया वहीं दीपिका सोनी ने घरेलू हिंसा कानून के बारे में आंगनवाड़ी स्कूल एवं अन्य क्षेत्रों में जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने पर विस्तार से प्रकाश डाला एडवोकेट मुरारी दशोरा ने पुरुषों के पीड़ित होने पर उनके लिए उपचार रविंद्र हिरण एवं भानु भटनागर ने पुरुष के विवाह पर संबंध में अन्य महिला के साथ लिप्त होने पर उसे विपक्षी पक्षकार बनाए जाने संदर्भ में सवाल किए. एडवोकेट शर्विल शर्मा एवं ला छात्रा यशस्वी खंडेलवाल ने घरों में रह रही महिलाओं के साथ मानसिक बलात्कार प्रताड़ना में नए कानून बनाए जाने बाबत सवाल किए जिसका सीनियर अधिवक्ता ऐश्वर्या भाटी ने बखूबी जवाब दिया. उन्होंने कहा कि समाज में प्रत्येक वर्ग को यह सोचने की आवश्यकता है कि महिला व पुरुष एक दूसरे के पूरक हैं न कि एक दूसरे के परस्पर विरोधी. जब तक महिलाओं को समाज में सम्मान नहीं दिया जाकर बराबरी का हक नहीं दिया जाएगा तब तक समाज देश के साथ राष्ट्र विकसित नहीं हो सकता

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प्रारंभ में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष शर्मा ने सभी प्रतिभागियों व मुख्य वक्ता का अभिवादन करते हुए वेबीनार के उद्देश्य पर प्रकाश डाला. सेमिनार में सचिव राजेश शर्मा वित्त सचिव पृथ्वीराज तेली वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश नंदवाना प्रवीण खंडेलवाल, प्रेम सिंह पवार  हरीश पालीवाल रागिनी शर्मा, प्रियंका सोनी पुष्प लता भाटी डॉ विमल कुमार जितेंद्र जैन श्रीमती शालिनी अग्रवाल जीवन सिंह राह अमरीश पालीवाल गजेंद्र नाहर वैदेही राव संजय स्वर्णकार किरण चावला सहित सैकड़ों अधिवक्ताओं ने भाग लिया. अंत में उपाध्यक्ष निलाक्ष द्विवेदी ने धन्यवाद ज्ञापित किया. संचालन अधिवक्ता अदिति मोड़ ने किया.

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