Sunday , 22 September 2019
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राजस्थान के युवक करेंगे खनन क्षेत्र में जम्बो ड्रीलिंग का काम

उदयपुर. खनन कार्यो में योग्य और उत्पादक कर्मचारी अत्यंत महत्वपूर्ण कड़ी है, हिन्दुस्तान जिंक अपनी माईनिंग एकेडमी में कई प्रकार के प्रषिक्षण की षुरूआत कर खनन क्षेत्र में कार्य करने के लिए जज़्बा रखने वाले उन युवाओं के लिए एक बेहतर उपलब्धी है जो कि आधुनिक मषीनो का कुषल प्रबंधन सीख कर इस क्षेत्र में अपना मुकाम हासिंल करना चाहते है.

हिन्दुस्तान जिंक के हेड कॉरपोरेट कम्युनिकेशन पवन कौशिक ने बताया कि ‘हिन्दुस्तान जिंक माईनिंग एकडमी’ स्थापित करने का मुख्य उद्देष्य राजस्थान के योग्य युवाओं को क्षमता के अनुसार रोजगार प्रदान करना हैै. वर्तमान में तकरीबन 200 राजस्थान के युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, तथा जल्द ही उनको रोजगार भी प्राप्त हो जाएगा.‘

पिछले कुछ वर्षो से खनन क्षेत्र में दुनिया भर में अभूतपूर्व विकास हुआ है जिसका अपवाद भारत भी नही है. प्राकृतिक संसाधनों के क्षेत्र में मेनपाॅवर की हर वर्ष मांग बढ़ती गई है. इस मांग को पुरी करने के लिये कई अंतर्राष्ट्रीय स्तर के विषोषज्ञों ने शामिल हो कर खनन तकनीक और धातु उत्पादन और भविष्य की खनन तकनीक को मूर्तरूप देने की मंषा जताई है. भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भी प्राकृतिक संसाधनो के क्षेत्र में बढ़ते रोजगार के अवसरों पर प्रकाष डाला है.

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हिन्दुस्तान जिंक भारत की एकमात्र सीसा, जस्ता और चांदी धातु उत्पादन कम्पनी है जो विष्व में प्रतिनिधित्व करती है. हिन्दुस्तान जिंक की ओर से सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत स्किल काउन्सिल फोर माईनिंग सेक्टर तथा इण्डियन इन्स्टीट्यूट आॅफ स्किल डवलपमेंट प्रा. लि. के सहयोग से स्थापित हिन्दुस्तान जिंक माईनिंग एकडमी राज्य के लगभग 500 आईटीआई पास-आउट्स युवाओं को जम्बो ड्रिल आॅपरेषंस एवं वाईन्डिग इंजन आॅपरेषंस में प्रषिक्षण देने के लिए हिन्दुस्तान जिंक आगामी पांच सालों में 30 करोड़ रुपये खर्च करेगा.

सभी प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों के लिए आवास का भी प्रावधान किया गया है आवास में सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध है जिनमे कैंटीन, जम्बो वाशिंग मशीन भी शामिल हैं. हिन्दुस्तान जिंक द्वारा दोनों प्रषिक्षण कार्यक्रमों में चयनित उम्मीदवारों को आवासीय सुविधाएं व भोजन आदि की निःषुल्क व्यवस्था कराई गई है. आवासीय पाठयक्रम होने के कारण कक्षा में व्याख्यान और व्यावहारिक कार्यकुशलता को बेहतर तरीके से समझाना एवं विकसित करने के लिए विद्यार्थियों पर समान रूप से जोर दिया जा रहा है. प्रषिक्षार्थियों को विभिन्न पहलुओं जैसे साॅफ्ट स्किल, सामूहिक प्रयास, अनुषासन और समग्र व्यक्तित्व विकास के रूप में तैयार किया जा रहा है जिससे उनको भविष्य में स्थाई रोजगार हासिल करने में मदद मिलेगी.

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इन प्रषिक्षणार्थियों को 2000 से 7000 रुपये तक मासिक स्टाईफण्ड भी दिया जा रहा है जो उनके कार्य निष्पादन से सीधा जुड़ा हुआ है. वर्तमान में प्रषिक्षण केन्द्र भीलवाड़ा, राजसंमद और उदयपुर के पास जावर में स्थित है. खनन क्षेत्र में मानव संसाधन की कमी को दूर करने के लिए हिन्दुस्तान जिंक ने भारत की पहली माईनिंग एकेड़मी की स्थापना की है जो जंबो ड्रिल तथा वाईडिंग इंजिन आॅपरेषन संचालन में आईटीआई उत्तीर्ण अभ्यार्थियों को प्रषिक्षित करेगी.

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