राष्ट्र के लिए जिएंगे, राष्ट्र के लिए मरेंगे

स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री ने झंडावंदन कर सलामी ली

भोपाल . मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल के लाल परेड ग्राउण्ड परिसर के मोतीलाल नेहरु स्टेडियम में आयोजित राज्यस्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वजारोहण किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी.

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मुख्यमंत्री ने महिला विशेष सशस्त्र बल, जिला बल, शासकीय रेल पुलिस, विशेष शस्त्रबल हॉक फोर्स, एस.टी.एफ., नगर सेना, जेल विभाग और पुलिस बैंड की टुकड़ियों से सज्जित परेड का निरीक्षण किया. मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी साधना सिंह, राज्य मंत्रिपरिषद के सदस्य, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, पुलिस महानिदेशक विवेक जौहरी उपस्थित थे.

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मुख्यमंत्री एवं सभी उपस्थितों द्वारा भारतमाता की जयघोष के साथ मुख्यमंत्री का संबोधन प्रारंभ हुआ. चौहान ने राष्ट्र को स्वतंत्रता दिलवाने वाले वीर बलिदानियों के चरणों में नमन करते हुए कहा कि देश के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने वालों के सम्मान में भोपाल में निर्मित शौर्य स्मारक में आज भारतमाता की प्रतिमा स्थापित हुई है. यह सभी को राष्ट्र प्रेम, शौर्य और साहस की प्रेरणा देगी. प्रत्येक नागरिक को भोपाल के शौर्य स्मारक में स्थापित इस प्रतिमा के दर्शन करना चाहिए.

चौहान ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का स्मरण किया तथा उनके कथन को उद्धृत किया कि भारतभूमि सिर्फ जमीन का टुकड़ा नहीं है. यही जीता जागता राष्ट्रपुरुष है. हम जिएंगे तो इसके लिए, मरेंगे तो इसके लिए. मरने के बाद जब अस्थियाँ विसर्जित होंगी तो जल से आवाज आएगी, भारत माता की जय.

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मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के यशस्वी एवं दूरदर्शी प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में शक्तिशाली भारत का निर्माण हो रहा है. अब यह वर्ष 1962 का भारत नहीं है. यदि किसी शत्रु ने भारत की ओर आँख उठाकर देखा तो उसे सबक सिखाने में भारत पीछे नहीं रहेगा. मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने शहीद सैनिकों के परिवार को एक करोड़ रुपये की राशि, परिवार के एक सदस्य को शासकीय सेवा और भूखंड प्रदान करने का निर्णय लेकर बलिदानियों के प्रति सम्मान का भाव प्रदर्शित किया है.

प्रदेश में कोरोना पर प्रभावी नियंत्रण

चौहान ने कहा कि कोविड आपदा से निपटने के लिए सरकार ने समाज के सहयोग से आई.आई.टी.टी. अर्थात् आईडेंटीफाई, आयसोलेट, टेस्ट एंड ट्रीट की रणनीति बनाकर उस पर अमल किया. प्रदेश में लॉकडाउन के दौरान अत्यावश्यक वस्तुओं और सेवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की गई, वहीं दूसरी तरफ चिकित्सा सामग्री एवं अन्य आवश्यक उपकरण जैसे—दवाएँ, मास्क, ग्लब्स, पीपीई किट्स, ऑक्सीजन सिलेंडर, वेंटीलेटर्स, टैस्टिंग लेबोरेटरी और टैस्टिंग किट्स आदि की पर्याप्त उपलब्धता रखी गई. सरकार के प्रोत्साहन से कोरोना संक्रमण के इलाज के लिए आवश्यक कई सामग्रियों का उत्पादन मध्यप्रदेश में ही प्रारंभ हुआ.

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किल कोरोना’ एवं ‘सहयोग से सुरक्षा’ अभियान

प्रदेश में कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए एक जुलाई से 31 जुलाई, 2020 के मध्य चलाये गए ‘किल कोरोना अभियान में घर-घर जाकर शत-प्रतिशत परिवारों का सर्वे किया गया. इसके बाद एक अगस्त से प्रारंभ किए गए दूसरे चरण में सोशल डिस्टेंसिंग एवं मास्क लगाने की अनिवार्यता के संबंध में जनजागरूकता के विस्तार का काम किया. आज से हम सहयोग से सुरक्षा अभियान प्रारंभ कर रहे हैं, जिसका मूल मंत्र 5 शब्द हैं-प्रमोट-अर्थात् सुरक्षा के उपायों को बढ़ावा देना, परपेच्यूएट-अर्थात् परिवर्तित व्यवहार को स्थायी बनाना, प्रोपोगेट-अर्थात् गलत एवं भ्रामक जानकारियों का खण्डन करना, पार्टिसिपेट-अर्थात् कोविड की रोकथाम में जन-सहयोग प्राप्त करना एवं प्रोटेक्ट-अर्थात् कोरोना संक्रमित को किसी भी भेदभाव से बचाना.

सावधानी बरतें, कोरोना को हराएं

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश की जनता से आव्हान करते हुए कहा कि यदि हमें कोरोना की महामारी से आजादी पाना है तो जब भी घर से बाहर निकलें, मास्क अवश्य लगायें. आपस में दो गज यानी कम से कम 6 फीट की दूरी रखें, नियमित अंतराल पर अपने हाथ साबुन से धोते रहें, योग-प्राणायाम, व्यायाम, काढ़ा सेवन आदि के माध्यम से अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ायें.

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प्रवासी श्रमिकों की प्रदेश वापसी

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोरोना संकट में सबसे बड़ी चुनौती प्रवासी श्रमिकों के आवागमन का प्रबंधन थी. इस दौरान लगभग 15 लाख श्रमिक एवं उनके परिवारजन प्रदेश लौटे तथा लगभग 5 लाख श्रमिक प्रदेश से गुजरकर अपने राज्यों में गए. हमारा संकल्प था कि मध्यप्रदेश की धरती पर कोई श्रमिक भूखा नहीं सोयेगा और कोई पैदल नहीं चलेगा. सरकार और समाज ने मिलकर इस संकल्प को पूरा किया.

आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का रोडमैप

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि प्रदेश में आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का रोडमैप तैयार किए जाने के लिए भौतिक अधोसंरचना विकास, सुशासन, शिक्षा, उद्योग एवं रोजगार विषयों पर वेबिनार आयोजित कर विशेषज्ञों के सुझाव प्राप्त कर ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है. इसे नीति आयोग से चर्चा उपरांत इस माह के अंत तक अंतिम रूप दे दिया जाएगा. उन्होंने नागरिकों का आव्हान करते हुए कहा कि वे आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण के लिये अपने बहुमूल्य सुझाव सरकार के पोर्टल mp.mygov.in पर दे सकते हैं. आगामी तीन वर्ष के रोडमैप से समृद्ध, समावेशी और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा.



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