Sunday , 22 September 2019
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वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी का बीमारी से निधन

नई दिल्‍ली . वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी का 95 वर्ष की उम्र में रविवार को उनके दिल्ली स्थित आवास पर निधन हो गया. वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे. उनके निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उप राष्ट्रपति वैंकेया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शोक व्यक्त किया है.

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जेठमलानी के बेटे महेश जेठमलानी ने बताया कि जेठमलानी ने नई दिल्ली में अपने आधिकारिक आवास में सुबह पौने आठ बजे अंतिम सांस ली. महेश और उनके अन्य निकट संबंधियों ने बताया कि उनकी तबियत कुछ महीनों से ठीक नहीं थी. उनके बेटे ने बताया कि 14 सितंबर को राम जेठमलानी का 96वां जन्मदिन आने वाला था. महेश ने बताया कि उनके पिता का अंतिम सरकार यहां लोधी रोड स्थित शवदाहगृह में शाम को किया जाएगा.

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जेठमलानी की गिनती देश के मशहूर आपराधिक मामलों के वकीलों में होती थी. वे वर्तमान में राष्ट्रीय जनता दल से राज्यसभा सांसद थे. उन्हें राजद ने 2016 में राज्यसभा भेजा था. उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में कानून मंत्री का पदभार संभाला था.

दो बार मुंबई लोकसभा सीट से भाजपा सांसद चुने गए. हालांकि 2004 में उन्होंने अटल बिहारी के खिलाफ चुनाव भी लड़ा था. उनका जन्म अविभाजित भारत के सिंध प्रांत (वर्तमान पाकिस्तान) में 14 सितंबर 1923 को हुआ था. विभाजन के बाद उनका परिवार भारत आ गया था. वह कोर्ट में बिना माइक के जिरह किया करते थे. वह अपने मुकदमों के अलावा अपने बयानों के कारण भी अक्सर चर्चा में रहते थे.

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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जेठमलानी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, ‘पूर्व केंद्रीय मंत्री और एक अनुभवी वकील श्री राम जेठमलानी के निधन से दुखी हूं. वह अपनी विशिष्ट वाक्पटुता के साथ सार्वजनिक मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त करने के लिए जाने जाते थे. राष्ट्र ने एक प्रतिष्ठित न्यायविद्, विद्वान और बुद्धिमान व्यक्ति खो दिया.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वरिष्ट वकील को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, ‘राम जेठमलानी के सबसे अच्छे पहलुओं में से एक उनकी अपने मन की बात कहने की क्षमता थी. वह ऐसा बिना किसी डर के करते थे. आपातकाल के काले दिनों के दौरान उन्हें स्वतंत्रता और लोगों के अधिकारों की लड़ाई के लिए याद किया जाएगा.

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