सीतामाता अभयारण्य सेंचुरी में दिखा पैंथर, चौसिंगा के बढ़ने के भी संकेत

चित्तौड़गढ़. जिले के दो लाख दो हजार 766 हैक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैली जिले की बस्सी व सीता माता अभ्‍यारणय सहित जंगलों में वन विभाग की ओर से 24 घंटों तक करवाई गई वन्यजीव गणना बुधवार (Wednesday) सुबह दस बजे समाप्‍त हो गई. इस बार दोनों सेंचुरी सहित वन क्षेत्रों में वन्यजीवों की गिनती के लिए कुल 182 वाटर हाल पोइंट तय किए गए थे.

सबसे अच्‍छी बात यह रही कि सीतामाता सेंचुरी में जहां पैंथर का अच्छी हलचल देखी गई तो विलुप्ति के कगार पर पहुंच रहे चौसिंगा की वंश वृद्वि होने की बात सामने आई. बस्सी सेंचुरी में पैंथर तो नहीं दिखे, लेकिन उसकी उपस्थिति गुर्राने की आवाजों के आधार पर दर्ज हुई. इधर, वन विभाग अब वन्यजीव गणना की समाप्ति पर वन्यजीवों के आंकड़ों को संधारित करने में जुट गया है. सीतामाता सेंचुरी में बोरवाला स्थान पर बने वाटर पोइंट पर मंगलवार (Tuesday) दोपहर बाद एक पैंथर अपनी प्यास बुझाने आया.

एक वनकर्मी के अनुसार जबकि रात के समय एक अन्य वाटर होल अरवाडा पर पैंथर तो आया, लेकिन उसने पानी नहीं पिया. सीतामाता सेंचुरी में चौसिंगा के साथ पांच बच्चों का झुंड दिखा. वनकर्मी बुधवार (Wednesday) को पैंथर के पगमार्क भी लेते रहे. इधर बस्सी सेंचुरी में आमझरिया के पास पैंथर की दहाडे सुनी गई. बस्सी सेंचुरी में वनकर्मियों सहित वन्यजीव प्रेमियों में इस बात को लेकर थोड़ी निराशा रही कि वह पैंथर का मूवमेंट नहीं देख पाए.

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