हाईकोर्ट के आदेश पर रोक : तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती- 2017 मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत

जयपुर. सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2017 (लेवल दो) मामले में राज्य सरकार (State government) को राहत देते हुए भर्ती और नियुक्ति प्रक्रिया जारी रखने के लिए कहा है. सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने राजस्थान (Rajasthan)हाईकोर्ट की खंडपीठ के 30 अप्रैल 2018 के उस आदेश पर रोक लगा दी जिसमें तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2017 (लेवल दो) में उन अभ्यर्थियों को ही पात्र माना था, जिन्होंने स्नातक के साथ बीएड व रीट भी उन विषयों के साथ पास किया हो, जिस विषय के शिक्षक पद के लिए उन्होंने आवेदन किया था.

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न्यायाधीश (judge) मदन बी.लोकुर व दीपक गुप्ता की खंडपीठ ने यह आदेश राज्य सरकार (State government) की एसएलपी पर सोमवार (Monday) को दिया. राज्य सरकार (State government) की ओर से सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) में दलील दी गई की हाईकोर्ट के आदेश के कारण शिक्षकों के हजारों पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया अटकी हुई है. इसलिए हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाई जाए ताकि शिक्षकों के पदों पर नियुक्ति की जा सके. हाईकोर्ट ने मनीष मोहन बोहरा की अपील पर दिए आदेश में राज्य सरकार (State government) को निर्देश दिया था कि वह शिक्षक पद पर नियुक्ति देते समय उन अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं दे जिनके पास रीट, स्नातक व बीएड में संबंधित विषय नहीं रहा हो. हाईकोर्ट ने कहा था कि बीएड शिक्षक बनने की अनिवार्य पात्रता है और बीएड में संबंधित विषय वही हो सकता है जो स्नातक में पढ़ा गया हो. यदि बीएड में वह विषय नहीं पढ़ा गया है तो शिक्षक उस विषय का विशेषज्ञ नहीं बन सकता.

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