106 साल की पद्मश्री अवार्डी पप्पाम्मल अम्मा ने सिर पर हाथ रख कर पीएम मोदी को दिया आशीर्वाद, वायरल हुई तस्वीर

कोयंबटूर . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने अपने फेसबुक पेज पर एक बुजुर्ग महिला की तस्वीर शेयर की है. इस तस्वीर में प्रधानमंत्री मोदी उनके आगे सिर झुकाकर आशीर्वाद लेते नजर आ रहे हैं. गुरुवार (Thursday) को पीएम मोदी कोयंबटूर में थे. जहां उन्होंने 106 साल की किसान आर पप्पाम्मल से मुलाकात की. उनकी यह तस्वीर इंटरनेट पर खूब वायरल हो रही है. 106 साल की अम्मा आर पप्पाम्मल तमिलनाडु (Tamil Nadu) में ऑर्गेनिक खेती (जैविक खेती) के लिए चर्चित हैं. माना जाता है कि वह देश की सबसे बुजुर्ग किसान हैं, जो खेत-खलिहान में अब भी सक्रिय हैं. पीएम मोदी के आधिकारिक फेसबुक पेज पर एक तस्वीर शेयर की गई है. जिसमें पीएम मोदी के सिर पर पप्पाम्मल हाथ रखकर आशीर्वाद देते दिख रही हैं. पीएम मोदी ने तस्वीर शेयर करते हुए लिखा आज कोयंबटूर में आसाधारण आर पप्पाम्मल से मुलाकात की. कृषि और ऑर्गेनिक फार्मिंग के क्षेत्र में अविस्मरणीय काम के लिए उन्हें पद्म दिया गया है.

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कोयंबटूर का इलाका नीलगिरि हिल्स के लिए मशहूर है. 1914 में कोयंबटूर के देवलापुरम में पप्पाम्मल का जन्म हुआ. अपने माता-पिता को बहुत कम उम्र में खोने के बाद दो बहनों के साथ उनकी परवरिश थेकमपट्टी में दादी के यहां हुई. उन्होंने परिवार की एक दुकान की कमान संभाली और फिर खाने-पीने की दुकान शुरू की. इससे हुई कमाई से उन्होंने 30 साल की उम्र में गांव में ही 10 एकड़ जमीन खरीदी. यही नहीं पप्पाम्मल ने अपनी बहन के बच्चों की भी देखभाल की. जल्द ही खेती के काम में उनका मन लगने लगा.

पिछले 7 दशकों से वह ऑर्गेनिक खेती में तमिलनाडु (Tamil Nadu) ही नहीं पूरे देश के लिए प्रेरणा बन गई हैं. सुबह साढ़े 5 बजे उनके दिन की शुरुआत होती है और 6 बजते-बजते वह अपने खेतों में पहुंच जाती हैं. अपनी नियमित दिनचर्या के जरिए उन्होंने जीवन के 106 बसंत पार करने के बावजूद खुद को फिट रखा है. परिवार वाले कहते हैं कि अपने खाने में वह खूब सारी हरी सब्जियां शामिल करती हैं और यह उनकी तंदुरुस्ती का राज है. खास बात यह है कि पप्पाम्मल अपना खाना किसी बर्तन की बजाए एक पत्ते पर खाती हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक पप्पामल का पसंदीदा भोजन मटन बिरयानी है.

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उम्र के इस पड़ाव पर भी वह रोजाना ढाई एकड़ खेत में काम करती हैं. बाजरा, भिंड (Bhind)ी और केले के साथ-साथ वह तमाम फसलों की जैविक खेती करती हैं. पप्पाम्मल तमिलनाडु (Tamil Nadu) एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के एजुकेशन डिपार्टमेंट से भी जुड़ी हैं. तमाम सेमिनार और कॉन्फ्रेंसों में हिस्सा लेकर वह जैविक खेती की तकनीक और फायदों के बारे में बताती हैं. जब उनको पद्म अवॉर्ड मिला तो पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण ने ट्वीट किया, ‘उम्र केवल एक संख्या है. 105 साल की पप्पाम्मल ऑर्गनिक खेती में लीजेंड हैं. वह थेकमपट्टी में अपने खेतों में काम करती हैं. वह बाजरा, दाल और सब्जियों को ढाई एकड़ खेत में उगाती हैं. वह प्रॉविजन स्टोर के साथ ईटरी भी चलाती हैं.

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उन्हें पद्म अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है. नमन. खेती के साथ ही सियासत में भी उन्होंने हाथ आजमाया है. सन 1959 में थेकमपट्टी पंचायत में वॉर्ड मेंबर रह चुकी हैं. इसके साथ ही करमादई पंचायत यूनियन की वह नुमाइंदगी कर चुकी हैं. एम करुणानिधि की प्रशंसक पप्पाम्मल उनकी पार्टी डीएमके से भी जुड़ी हैं. पप्पाम्मल की जिंदगी मिसाल है. हालात के आगे हिम्मत हारने की जगह उन्होंने अपनी कर्मठता और लगन से पहचान बनाते हुए शानदार मुकाम हासिल किया है.

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