Friday , 19 October 2018
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पैंथर के हमलों के बाद ग्रामीणों में दहशत, रेस्क्यू टीम पहुंची जंगल

प्रतापगढ़, 13 अक्टूबर (उदयपुर किरण). जिले के धरियावद उपखंड के गोपालपुरा के जंगलों में आतंक का पर्याय बने पैंथर की तलाश में रेस्क्यू टीम के सदस्यों ने शनिवार को अपना अभियान शुरू कर दिया. पैंथर के अलग अलग हमले में एक बालिका की मौत और दूसरी बालिका के गंभीर रूप से घायल होने के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है.

प्रतापगढ़ के उपवन संरक्षक सुबोध कुमार और वाइल्डलाइफ के उप वन संरक्षक अनिल कुमार यादव शनिवार को धरियावद पहुंचे और वन कर्मियों को विशेष दिशा-निर्देश दिए. पैंथर को पकड़ने के लिए वन विभाग की ओर से जंगल में तीन पिंजरे लगाए गए हैं और पग मार्ग के आधार पर उसकी तलाश की जा रही है. दरअसल बीते गुरुवार की रात को धरियावद उपखंड की गोपालपुरा ग्राम पंचायत में हाड़ा खेड़ा गांव के साबा फला में मध्य रात्रि पैंथर ने हमला किया था. साबा फला के भीमा मीणा का परिवार घर के आंगन में सो रहा था. अपनी 10 वर्षीय मासूम बच्ची साबिया के साथ परिजन भी उसी आंगन में सो रहे थे.

देर रात को बच्ची के रोने की आवाज सुनकर परिजन जागे तो उन्होंने देखा कि पैंथर मासूम बालिका को गर्दन से पकड़ कर ले जा रहा है. परिजनों ने पीछा कर उसको छुड़ाने का प्रयास किया लेकिन पैंथर मासूम बालिका को लेकर ओझल हो गया. वारदात की खबर आसपास के ग्रामीणों को लगने पर रात में ही काफी ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए और तलाशी अभियान शुरू किया. शुक्रवार की सुबह मासूम साबिया का शव कुछ ही दूरी पर मिला. घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत फैल गई वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन शुरू किया, लेकिन वन विभाग की टीम को कोई सफलता नहीं मिली.

धरियावद रेंजर दारा सिंह राणावत ने ग्रामीणों को घने जंगलों की ओर नहीं जाने की हिदायत देते हुए कई दिशा-निर्देश दिए. घटना को 24 घंटे भी नहीं बीते कि शुक्रवार की दोपहर को धरा गांव में घर के आंगन में खेल रही एक और बच्ची पर पैंथर ने हमला कर दिया. हमले में घायल 13 वर्षीय देवली मीणा को उपचार के लिए फिलहाल उदयपुर के लिए रेफर किया गया है. जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है. आबादी क्षेत्र में पैंथर के इस तरह के हमलों के बाद ग्रामीणों में भय मिश्रित डर का माहौल है. पिछले दो दिनों से वन विभाग की टीम ने इलाके में सर्च अभियान चला रखा है.

पैंथर को पकड़ने के लिए आबादी क्षेत्र और जंगल में तीन पिंजरे भी लगवाए गए हैं, लेकिन विभाग को फिलहाल कोई सफलता नहीं मिली है. अधिकारियों के मुताबिक पैंथर के आदमखोर होने की संभावना को देखते हुए उदयपुर से दो शूटर बुलाए गए हैं जो पैंथर को ट्रेंकुलाइज गन के माध्यम से बेहोश कर सकते हैं. फिलहाल शूटर सतनाम सिंह और उनके दल में शामिल 12 से ज्यादा वन कर्मी पैंथर की तलाश में बढ़ा गांव और गोपालपुरा के जंगलों में डेरा डाले हुए हैं.

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