Thursday , 20 June 2019
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राजनीति में संतों की भागीदारी से समाज को फायदा : मोरारी बापू

जोधपुर, 13 अक्टूबर (उदयपुर किरण). संत मोरारी बाबू ने कहा कि राजनीति में संतों की भागीदारी से समाज को फायदा ही होना है, लेकिन अगर धर्म में राजनीति शुरू हो गई तो समाज के लिये अहितकारी साबित होगी. उन्होंने कहा कि शब्दों का जीवन में काफी महत्व है और जीवन परिवर्तन में शब्द सहायक साबित होते है. वे जोधपुर प्रवास पर शनिवार को पत्रकारों से रूबरू हो रहे थे.

उन्होंने कहा कि अयोध्या श्रीराम की जन्मभूमि है और वहां पर श्रीराम का मंदिर था है और आगे भी रहेगा. अगर किसी को अपने धर्म प्रचारक या किसी महान व्यक्तित्व के स्मृति में कोई स्मारक बनाना है तो वो उनकी जन्मभूमि पर बनाए. राजनीति में धर्म के मुद्दे पर कहा कि आदि काल से ही धर्म का राजनीति और जननीति का प्रचलन रहा है. राजाओं के शासन काल में भी पंडित और धर्मगुरू राजकाज शुरू होने से पहले रामायण का पाठ करते थे और बाद में राजकार्य के दौरान किए गए निर्णय और कार्यो की भी धर्म ग्रंथों से विश्लेषण करके उनके बारे में अपनी राय प्रकट करते थे. उन्होंने कहा कि राजनीति में धर्म का महत्व बढऩे से अनीति रुकेगी, लेकिन कुछ लोगों धर्म में भी राजनीति करते है वो गलत है. कुछ कतिपय संतों पर लगे आरोपों के बारे में उन्होने कहा कि भक्तों को अपने गुरु का चयन करने से पूर्व उनकी परीक्षा लेनी चाहिये और कई बार लापरवाही या जल्दबाजी में गुरू के चयन से समस्या पैदा होना संभव है.

मोरारी बापू ने कहा कि धार्मिक आयोजनो में कथा वाचक और संतों के प्रवचनों में प्रयुक्त शब्दावली और धार्मिक दृष्टांत से मनुष्य के जीवन में बदलाव आता है और उसका सीधा असर समाज पर पड़ता है. धर्म कर्तव्य पालन का बोध कराता है जिसमें राजा प्रजा के बीच का कर्तव्य और परिवार के सदस्यों का एक दूसरे के बीच के कर्तव्य पालन की समझ और सूझबूझ पैदा करते है. उन्होंने इस दौरान एक दृष्टांत भी दिया जिसमें भगवान बुद्ध ने अपने प्रवचनों के लिये लिपिबद्ध करने के लिये भक्तों से धन संग्रह करवाया जिसमें एक बार बाढ़ और दूसरी बार अकाल पड़ जाने पर उक्त धनराशि जनता की मदद में खर्च कर दी और तीसरे वर्ष उन्होंने पुस्तक का प्रकाशन करवाया और उस पर तृतीय संस्करण छपवाने पर भक्तों ने पूछा तो बताया कि धन का सही उपयोग ही धर्म है इसलिये इस धार्मिक पुस्तक को छपाने के लिये एकत्र की राशि मदद में काम में ली थी.

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