Tuesday , 11 December 2018
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कांग्रेसी सरकार बनी तो एचएएल कंपनी को नया जीवन मिलेगा : राहुल गाँधी

कंपनी व कर्मचारियों की उपेक्षा के लिए रक्षा मंत्री माफी मांगें

बेंगलुरु, 13 अक्टूबर (उदयपुर किरण). कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम एचएएल के कर्मचारियों के अपमान और चोट पहुंचाने के लिए रक्षा मंत्री निर्मला सीतारामण से माफ़ी मांगने को कहा है. हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड कंपनी के साथ बातचीत के बाद वह मीडिया के लोगों से बात कर रहे थे. उन्होंने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के अधिकारियों व कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि उनकी सरकार बनी तो एचएएल कंपनी को जीवंत किया जायेगा और कर्मियों को काम दिया जायेगा ताकि वे जीवन बेहतर कर सकें.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड को पिछले सत्तर सालों से देश में विमान के निर्माण में सबसे अच्छी कंपनी के रूप में जाना जाता है. रक्षा मंत्रालय के अधिकारी का कहना है कि एचइएल कंपनी से उत्पादित विमान राफले की तरह नहीं होता है. ऐसी बातों से कंपनी के उन अभियंताओं व कर्मचारियों को चोट पहुंची है जिन लोगों ने इस कंपनी को अपना पूरा जीवन दिया है. इसलिए रक्षा मंत्री को इसके लिए क्षमा मांगनी चाहिए.

उन्होंने अनिल अंबानी पर तंज करते हुए कहा कि उन्होंने 35,000 करोड़ रुपये राफेल विमान के एवज में हासिल किया हैं, जो वे अपने पुरे जीवन में भी नहीं हासिल कर सकते थे. उन्होंने कहा कि यदि एचएएल के पास लड़ाकू विमान बनाने की कोई क्षमता नहीं है तो इस क्षेत्र में बिल्कुल अनुभव नहीं रखने वाले अम्बानी के साथ राफेल के लिए अनुबंध कैसे किया गया. राहुल ने कहा कि यह केवल पीएम नरेंद्र मोदी के भ्रष्ट व्यवस्था के कारण हुआ है और अनिल अंबानी को यह काम दिया गया है.

राहुल गाँधी ने कहा कि राफले अनुबंध से देश के राष्ट्रवाद का अपमान किया गया है. राफेल अनुबंध करके केंद्र सरकार ने एचएएल कंपनी से जुड़े अभियंताओं, कर्मियों का अपमान किया है जिनका जीवन उस कंपनी से जुड़ा हुआ है. केंद्र सरकार ने कंपनी के हजारों यांत्रिक और अन्य इंजीनियरों की नौकरियों को छीनने का काम किया है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि फ़्रांस के पूर्व राष्ट्रपति ने पहले से ही स्पष्ट कर दिया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुट्ठी में ही अनिल अंबानी की कंपनी है जिसके कारण दबाव में अम्बानी की कंपनी को काम दिया गया.

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