Monday , 19 November 2018
Breaking News

सवा महीने में क्रूड 20% सस्ता, पेट्रोल के दाम 7% आैर डीजल के 3.6% ही घटे

नई दिल्ली. शुक्रवार को ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमत 1.6% घटकर 69.2 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई. ब्रेंट क्रूड अप्रैल के दूसरे हफ्ते में इस स्तर पर था. उसके बाद पहली बार 70 डॉलर से नीचे आया है. यह 3 अक्टूबर को 86.29 डॉलर के चार साल के ऊपरी स्तर पर पहुंच गया था. इस तरह सवा महीने में दाम 20% गिरे हैं. लेकिन इस दौरान देश में पेट्रोल 7% और डीजल सिर्फ 3.6% सस्ते हुए हैं.

क्रूड सस्ता होना भारत के लिए अच्छा है, क्योंकि हम जरूरत का 80% तेल आयात करते हैं. पर तेल उत्पादक देश परेशान हैं. अबू धाबी में रविवार को उनकी बैठक है, जिसमें उत्पादन घटाकर दाम बढ़ाने पर चर्चा होगी. ईरान पर प्रतिबंध से पहले तेल उत्पादक देश आश्वासन दे रहे थे कि वे उत्पादन बढ़ाएंगे. अब उत्पादन घटाने की बात से विशेषज्ञ हैरान हैं. हालांकि ये देश तत्काल उत्पादन कम नहीं करेंगे. सऊदी अरब और रूस अगले साल यह कदम उठा सकते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान से रोजाना 10 लाख बैरल का निर्यात जारी रहा तो सऊदी अरब को अतिरिक्त उत्पादन की जरूरत नहीं पड़ेगी.

सऊदी अरब ने 7 लाख बैरल उत्पादन बढ़ाया, रूस का भी प्रोडक्शन बढ़ा

सऊदी और रूस समेत प्रमुख देशों ने हाल के दिनों में उत्पादन बढ़ाया है. सऊदी अरब का उत्पादन हाल के महीनों में 7 लाख बैरल रोजाना बढ़ा है. अमेरिका में उत्पादन जून की तुलना में 4 लाख बैरल अधिक है. सितंबर में ईरान ने रोजाना लगभग 17 लाख बैरल तेल की बिक्री की थी.

आठ देशों को अमेरिकी प्रतिबंध से छूट देने का भी असर हुआ

ट्रंप प्रशासन द्वारा 8 देशों को ईरान से तेल आयात करने की छूट देने का भी असर हुआ है. ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध से सप्लाई जितनी कम हुई, फिलहाल सप्लाई उससे ज्यादा बढ़ी है. तेल का उत्पादन करने वाले देशों में सऊदी अरब के बाद ईरान सबसे बड़ा तेल उत्पादक है.

सवा महीने में पेट्रोल 5.94 रुपए, डीजल 2.71 रुपए सस्ता

पेट्रोल: 4 अक्टूबर को इसकी कीमत सबसे अधिक 84 रुपए लीटर थी. 9 नवंबर को यह 78.06 रुपए रह गई. इस तरह सवा महीने में दाम 5.94 रुपए यानी 7.07% घटे हैं.

डीजल: 4 अक्टूबर को दाम 75.45 रुपए और 9 नवंबर को 72.74 रुपए थे. सवा महीने में 2.71 रुपए यानी 3.6% घटे. सबसे अधिक कीमत 17 अक्टूबर को 75.69 रुपए थी.

(18 अक्टूबर से पेट्रोल और डीजल के दाम रोजाना या तो घटे या स्थिर रहे हैं)

शेल ऑयल के ज्यादा उत्पादन से अमेरिका में तेल का भंडार बढ़ा

अमेरिका में शेल ऑयल का प्रोडक्शन बढ़ने से वहां भंडार काफी बढ़ गया है. अमेरिकी एजेंसी एनर्जी इन्फॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन का कहना है कि जल्दी ही वहां उत्पादन 1.2 करोड़ बैरल प्रतिदिन पहुंच जाएगा. पहले 2019 में इस स्तर तक पहुंचने का अनुमान था.

ट्रेड वार की वजह से ग्लोबल इकोनॉमी में सुस्ती की आशंका

ट्रेड वार के चलते सितंबर तिमाही में चीन की विकास दर 6.5% पर पहुंच गई, जो 10 साल में सबसे कम है. आईएमएफ ने अनुमान जताया है कि ट्रेड वार के कारण 2019 में ग्लोबल इकोनॉमी की रफ्तार सुस्त पड़ेगी. इससे कच्चे तेल की डिमांड में भी कमी आएगी.

Loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*