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आम्रपाली के मात्र पांच आधे-अधूरे प्रोजेक्ट के लिए टेंडर से बाकी के ग्राहक परेशान

नई दिल्ली,10 नवम्बर (उदयपुर किरण).भ्रष्टाचार आरोपी कम्पनी आम्रपाली समूह की 15 रिहायशी परियोजनायें ज्यादेतर आधी – अधूरी हैं, कुछ तो बनी ही नहीं हैं, हवा में हैं. इनको पूरा करने के लिए एनबीबीसी ने हामी भरी है. पहले कही थी कि आम्रपाली के 46,575 फ्लैट को पूरा करने के लिए 8,500 करोड़ रूपये और 12 माह से 3 वर्ष लगेंगे. एनबीसीसी के प्रबंध निदेशक एके मित्तल ने कहा था कि इसमें से बेचे गये 41,690 फ्लैट्स में से 8,416 फ्लैट्स ग्राहकों को दे दिये गये हैं. लेकिन ग्रेटर नोएडा की परियोजना में ग्राहकों को एक भी फ्लैट हैंडओवर नहीं किये गये हैं.

सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के पर एनबीसीसी ने आम्रपाली की नोएडा की 5 परियोजनाओं को पूरा करने के लिए 1,221.37 करोड़ रूपये का टेंडर निकाला है. इसमें से सिलिकान सिटी के लिए 583.59 करोड़ रू.,प्रिंसले इस्टेट के लिए 40.05 रू., जोडिएक के लिए 55 करोड़ रू., हर्ट बीट सिटी -1 के लिए 167.19 करोड़ रू., हर्ट बीट सिटी -2 के लिए 375.45 रू.का टेंडर है. टेंडर जमा करने की अंतिम तिथि 4 दिसम्बर अपरान्ह 3 बजे तक है. एनबीसीसी के प्रबंध निदेशक को उम्मीद है कि कई कम्पनियां ठेका लेने में रूचि दिखायेंगी. कोशिश दिसम्बर – जनवरी से कार्य शुरू कराने की है. एनबीसीसी ने आम्रपाली की परियोजनाओं को ए,बी व सी, 3 श्रेणी में बांटा है. ए श्रेणी में 11,400 फ्लैट्स हैं जिनमें कार्य 6 से 12 माह में पूरे हो जायेंगे.

बी श्रेणी में 32,384 फ्लैट्स हैं, सी श्रेणी में 2,778 फ्लैट्स हैं. फ्लैट् खरीददार संगठन से जुड़े राजीव का कहना है कि भ्रष्टाचारी आम्रपाली कम्पनी समूह के मालिकानों के विरूद्ध सर्वोच्च न्यायालय के कड़े रूख से कुछ उम्मीद जगी है. देखिए आगे क्या होता है और आधे – अधूरे या नहीं बने फ्लैट कब तक बनते हैं, कब तक पार्क, पार्किंग, सड़कें बनती हैं, लिफ्ट लगते हैं, अन्य सुविधाएं होती हैं. कब तक काम पूरा होने का प्रमाण पत्र मिलता है. बिल्डर अनिल शर्मा,शिवप्रिया,अजय कुमार की दगाबाजी से, फ्राड से बहुत से ग्राहक बर्बाद हो गये, कईयों को हार्ट अटैक हो गया है.

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