Thursday , 22 November 2018
Breaking News

सीबीआई विवादः वर्मा ने कहा- दिल्ली में ली रिश्वत, लेकिन अस्थाना ने बताया कि उस वक्त वह लंदन में थे

नई दिल्ली, 10 नवंबर (उदयपुर किरण). केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना ने शुक्रवार को केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) से कहा है कि आलोक वर्मा की ओर से उन पर लगाया आरोप कि उन्होंने मोईन कुरेशी के बिचौलिये से पैसे लिए, पूरी तरह से निराधार है. जिस समय पैसे लेने की बात की जा रही है, उस वक्त वह लंदन प्रवास पर थे. यह जानकारी सीवीसी के एक भरोसेमंद सूत्र ने दी है.
अस्थाना ने मुख्य सतर्कता आयुक्त केवी चौधरी को दिए बयान में कहा है कि सतीश बाबू साना के मुताबिक उसके बिचौलिये ने उन्हें 2 दिसंबर और 13 दिसंबर 2017 के बीच रिश्वत दिए, जबकि वह इस बीच विजय माल्या के मामले की सुनवाई के सिलसिले में लंदन में थे.
उल्लेखनीय है कि देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई में आंतरिक कलह उस वक्त सरेआम हो गई जब सीबीआई ने रिश्वत लेने के मामले में अपने ही विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ मामला दर्ज करवा दिया. फिर आनन-फानन में सरकार ने दोनों अधिकारियों (निदेशक आलोक वर्मा व विशेष निदेशक राकेश अस्थाना) को जबरन छु्ट्टी पर भेज दिया. हालांकि वर्मा इस सरकारी आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चले गए.
इस बीच सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक साना ने सीवीसी जांच टीम के समक्ष भी अपने बयान को बदला नहीं है. हालांकि जब पैसे देने की बात बिचौलिये के माध्यम से सामने आई है तो फिर यह साबित करना मुश्किल हो जाएगा कि अस्थाना ने पैसे कैसे लिए, जब वह लंदन में थे.
उधर, खबरों से मिल रही जानकारी के मुताबिक भी अस्थाना ने 3 दिसंबर को लंदन के लिए दिल्ली से प्रस्थान किया था और वह 15 दिसंबर तक लंदन में थे. हालांकि सतीश बाबू साना के मुताबिक वह 02 दिसंबर 2017 को दुबई गए और अपने बिचौलिये सोमेश प्रसाद व मनोज प्रसाद से वहां मिले. वहां इन लोगों ने एक व्हाट्सएप्प मैसेज पर एक अधिकारी का फोटो दिखाते हुए कहा कि कुरेशी के मामले से बचने के लिए उसे उस अधिकारी को पांच करोड़ रुपये देने होंगे. उन्होंने उस अधिकारी से साना की कथित रूप से बात भी करवाई. साना ने कहा है कि उसने रिश्वत के एक करोड़ रुपये दुबई में दिए और फिर 1.95 करोड़ 13 दिसंबर 2017 को दिल्ली प्रेस क्लब में दिए. इतना ही नहीं साना ने यह भी दावा किया है कि जिस वक्त अस्थाना के बारे में कहा जा रहा है कि वह लंदन में थे, उसी वक्त (15 या 16 दिसंबर) सोमेश प्रसाद उनसे उनके दिल्ली स्थित कार्यालय में मिले थे.
उल्लेखनीय है कि अस्थाना व बिचौलिये के बीच की बैठक को ही आलोक वर्मा की टीम साक्ष्य के रूप में पेश कर रही है.
हालांकि सीबीआई से आने वाली शिकायत की शुरुआत राकेश अस्थाना ने ही की थी. उन्होंने केंद्र सरकार के कैबिनेट सेक्रेटरी को आवेदन देकर कहा था कि मोईन कुरेशी मामले में आलोक वर्मा ने कुरेशी के सहयोगी सतीश बाबू साना को बचाने के लिए खुद उससे पैसे लिए.

Loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*