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भाजपा-कांग्रेस की जुगलबंदी से छत्तीसगढ़ हुआ बदहाल: सिसोदिया

रायपुर, 10 नवम्बर (उदयपुर किरण). छत्तीसगढ़ राज्य अपनी स्थापना से लेकर अब तक के 18 सालों में भाजपा-कांग्रेस की लूट का ज्वाइंट वेंचर बन कर रह गया है. उक्त बातें आम आदमी पार्टी प्रदेश कार्यालय में मीडिया से चर्चा करते हुए दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कही. उन्होंने विस्तार पूर्वक घोटालों की चर्चा करते हुए कहा कि कांग्रेस राज में चिटफंड घोटाला प्रारम्भ हुआ, भाजपा के राज में फला-फूला. हाईकोर्ट में 20,000 लोगों ने शपथ पत्र दिया. घोटाले में भाजपा के मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष समेत कई नेता और आईएएस अधिकरी आरोपी बने. हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया और मामला आज भी लंबित है.

दागी अधिकारी चुनाव प्रक्रिया में शामिल हैं, इन्हें तत्काल चुनाव से हटाया जाए. जमीन घोटालों की लम्बी सूची है, इनमें जलकी जमीन बृजमोहन अग्रवाल, भदौरा जमीन अमर अग्रवाल, साडा भिलाई भूपेश बघेल, साडा दुर्ग मोतीलाल वोरा आदि. भाजपा कांग्रेस के नेताओं पर केस दर्ज तो हुआ लेकिन इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई. कमल विहार बनाने के नाम पर किसानों की जमीन पर जबरन कब्जा किया गया. बोरियाकला, डूंडा के ग्रामीणों के घरों को तोड़कर उन्हें विस्थापित किया गया, लेकिन उचित पुनर्वास नहीं हुआ. जबकि अब कमल विहार के विकास के लिये फंड खत्म हो गया और आरडीए दिवालिया होने की कगार पर है.

भाजपा सरकार की आबकारी नीति पर हमला करते हुए उन्होनें कहा कि सरकार ने ही शराब दुकानें खोली. सभी दुकानों में कुछ ही कम्पनियों के शराब की बिक्री उन मालिकों को फायदा पहुंचाने का काम किया. भाजपा-कांग्रेस की जुगलबंदी का ही बड़ा नमूना है- राज्य का बहुचर्चित सीडी कांड. सिसोदिया ने तल्ख लहजे में कहा कि आम जनता की बुनियादी समस्याओं से ध्यान हटाने कांग्रेस-भाजपा ने सीडी-सीडी का खेल रचा. नकली-असली सीडी के चक्कर मे जनता को रोजगार-गरीबी-महंगाई जैसे मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाया गया. इसके साथ ही उन्होंने यह दावा भी किया कि हमने दिल्ली में जो विकास का नया मॉडल प्रस्तुत किया है, वह जनता के सार्वभौम विकास का पक्षधर है.

दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था में हुए क्रांतिकारी परिवर्तन की चर्चा करते हुए कहा कि हमने छत्तीसगढ़ से ही शिक्षा नया मॉडल सीखा और दिल्ली में लागू किया. लेकिन यहां की सरकार ने इसे नहीं अपनाया. मध्यस्थ दर्शन के प्रणेता ए नागराज के सह अस्तित्व के सिद्धांत पर आधारित शिक्षा प्रणाली में तमाम समस्याओं का हल है. इसे हमने दिल्ली में आज़माया और प्रमाणित किया है. अब यही शिक्षा व्यवस्था हम छत्तीसगढ़ में लागू करना चाहते हैं और इसी तरह से विकास के नए कीर्तिमान रचने संकल्पित हैं. उन्होंने यह भी कहा कि मैं कल ही बस्तर जाकर आया हूं. जहां के आम नागरिक की बेबसी और बदहाली सरकार के विकास के दावों को झुठलाने वाली है. छत्तीसगढ़ की जनता ने विकल्प के अभाव में लम्बा इंतजार किया है. लेकिन अब आम आदमी पार्टी एक सशक्त विकल्प के रूप में जनता के सामने है.

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