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अगर मैं निष्कासित हूं तो निष्कासन पत्र सार्वजनिक क्यों नहीं : दुष्यंत

चंडीगढ़, 10 नवम्बर (उदयपुर किरण). हिसार से लोकसभा सांसद दुष्यंत चौटाला ने इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) से निष्कान के बाद चंडीगढ़ में शनिवार को तीखे तेवरों में नजर आए. दुष्यंत ने कहा कि अगर मैं इनेलो से निष्कासित हूं तो अभी तक इनेलो सुप्रीमो द्वारा हस्ताक्षरित पत्र क्यों नहीं सार्वजनिक किया जा रहा है. इसके पीछे एक गहरा षड्यंत्र है. क्योंकि आज तक न तो अनुशासन कमेटी की कोई औपचारिक बैठक हुई और न ही मुझे कमेटी ने अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया. मैं इनेलो प्रमुख ओमप्रकाश चौटाला से दो बार मिल कर वस्तुस्थिति से अवगत करवा चुका है. उन्होंने न केवल मेरी बात को ध्यान से सुना अपितु मेरी बातों से सहमति भी जताई. वे चंडीगढ़ प्रेस क्लब में उक्त बातें कही.

सांसद दुष्यंत चौटाला ने स्पष्ट रूप से कहा कि मुझे घेरने के लिए एक षड्यंत्र के तहत चक्रव्यूह रचा गया है. जनता के आशीर्वाद एवं ताऊ देवीलाल की नीतियों पर चलने वाले कार्यकर्ताओं के समर्थन से वो हर चक्रव्यूह को भेदेंगे. कुछ लोग षड्यंत्र रचकर पार्टी को तोड़ने व पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ताओं को पार्टी से बाहर करने की साजिश रच रहे हैं. आगामी 17 नवम्बर को जींद में पार्टी बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता व इनेलो के प्रदेश महासचिव डाॅ. अजय सिंह इस पूरे घटनाक्रम पर कार्यकर्ताओं से विचार विमर्श कर भावी रणनीति तैयार करेंगे. सांसद दुष्यंत ने आरोप लगाया कि पार्टी में चार पीढ़िया लगातार काम कर रही हैं, लेकिन कुछ लोग उन्हें भी कांग्रेसी बता रहे हैं.

सांसद ने पत्रकार वार्ता में मौजूद नरवाना से विधायक पिरथी नंबरदार, उकलाना से विधायक अनूप धानक, पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष फूलवती, पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. केसी बांगड़, पूर्व मंत्री जगदीश नैय्यर, पूर्व विधायक सरदार निशान सिंह, पूर्व विधायक रमेश खटक, पूर्व विधायक मक्खन सिंह, एससी सैल के प्रदेशाध्यक्ष अशोक शेरवाल, अंबाला से हरपाल कंबोज, जींद जिला के प्रधान रहे कृष्ण राठी, हिसार के पूर्व प्रधान राजेंद्र लितानी, पूर्व युवा प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र सांगवान का नाम लेते हुए कहा कि क्या ये सब कांग्रेसी हैं या कांग्रेसी पेड वर्कर हैं.

संसदीय दल के नेता को नहीं निष्कासन का अधिकार

उन्होंने कहा कि पार्टी के संविधान के मुताबिक पार्टी के संसदीय दल के नेता अथवा सांसद को पार्टी को प्रदेश कार्यालय सचिव न तो नोटिस जारी कर सकता और न ही उन्हें निष्कासन का कोई अधिकार है. पार्टी के संसदीय दल के नेता व सांसद को नोटिस जारी करने व पार्टी से निकालने का अधिकार केवल पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक अथवा पार्टी सुप्रीमो के अध्यक्षता वाली कमेटी के पास है. इस अवसर पर झज्जर जिला युवा अध्यक्ष उपेंद्र कादियान, कुरुक्षेत्र के युवा जिला अध्यक्ष सुनील राणा, फतेहाबाद युवा जिला अध्यक्ष अजय संधू, कैथल के जिला प्रवक्ता एडवोकेट हरदीप पाडला, रणदीप कौल, जगाधरी से मास्टर राजकुमार सैनी, पूर्व जज सुल्तान सिंह सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.

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