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एसटीएफ ने किया सॉल्वर गिरोह का भंडाफोड़, 10 गिरफ्तार

कानपुर, 08 दिसम्बर (उदयपुर किरण). उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद में स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) ने सूबे में सक्रिय साल्वर गिरोह का भंडाफोड़ किया है. टीम ने 10 साल्वरों को गिरफ्तार करते हुए बड़ी कामयाबी हासिल की हैं. अभियुक्तों के कब्जे से प्रतियोगी परीक्षाओं के एडमिट कार्ड, फर्जी आईडी सहित अन्य साक्ष्य मिले हैं. जिनके आधार पर कल्याणपुर थाना पुलिस कार्रवाई कर रही है.
एसटीएफ की कानपुर यूनिट ने प्रतियोगी परीक्षाओं में ‘मुन्ना भाईयों’ के एक बड़े गिरोह को पकड़ा है. एसटीएफ ने गिरोह में शामिल सॉल्वरों सहित अभ्यर्थी शामिल हैं. इस गिरोह को पकड़ने में उस वक्त कामयाबी मिली जब एसटीएफ प्रदेश में लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लीक होने व सॉल्वरों के बढ़ते नेटवर्क को खंगालने में लगाई गई है. इसी के तहत कानपुर के कल्याणपुर इलाके से सॉल्वर गिरोह का पीछा करते हुए पहुंची और शनिवार को भोर के समय एक मकान में छापेमारी कर मुन्ना भाईयों के साथ अभ्यर्थी को धर दबोचा. यह सभी रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) की ग्रुप (डी) की परीक्षा में बैठकर सरकारी नौकरी की भर्ती में गड़बड़ी करने वाले थे. इसके लिए पूरे गिरोह ने अभ्यर्थियों से मोटी-मोटी रकम भी ले रखी थी.
पूछताछ में पकड़े गये अन्तर राज्यीय गिरोह में शामिल सदस्यों ने खुलासा किया है कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र आउट कराकर, सॉल्वर बैठाने वाले थे. पूछताछ में पता चला है कि गिरोह उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में अपना नेटवर्क फैलाए हुए हैं. जिसके जरिये विभिन्न जिलों के भिन्न-भिन्न परीक्षा सेन्टर पर अपने अभ्यर्थियों का पेपर सॉल्व करवाते थे. एसटीएफ ने अभियुक्तों को पकड़ते हुए कल्याणपुर थाना पुलिस को सौंप दिया है.
कल्याणपुर इंस्पेक्टर सतीश कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार सॉल्वर गिरोह के कब्जे से 11 मोबाइल, 21 एडमिट कार्ड, फर्जी वोटर आई कार्ड, पांच ब्लैंक चेक, कई ड्राइविंग लाइसेंस, पेटीएम कार्ड, 19 आधार कार्ड, छह एटीएम कार्ड, तीन पैनकार्ड, एक बुलेट, एक स्कूटी व 56 हजार से अधिक की रकम बरामद की गई है. पुलिस के मुताबिक गिरोह के सदस्य मोबाइल पर कोड वर्ड में बातें करते हैं, ताकि उन्हें पकड़ा न जा सके. सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है.
इनकी हुई गिरफ्तारी
प्रयागराज जनपद निवासी सरगना राहुल कुमार, साल्वर महेश कुमार यादव, प्रवेश यादव, सुनील कुमार शाह, ललित कुमार यादव, अजय कुमार तांती, विकास कुमार मालाकार, अभ्यर्थी मुकेश कुमार सिंह, रामबाबू पाल, अजय कुमार यादव को गिरफ्तार किया गया है.
एसटीएफ को बिहार में मिले मुख्य सरगना के साक्ष्य
सॉल्वर गिरोह में शामिल अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया है कि बिहार के मधुबनी निवासी रंजीत यादव (25) व गुड्डू यादव (28) पटना में किराये पर कमरा लेकर रहते हैं. यह दोनों ही सॉल्वर गिरोह के मुख्य सरगना है. इन लोगों ने कई राज्यों में अपना नेटवर्क फैला रखा है. हर प्रदेश में इन्होंने अपने-अपने एक विश्वास पात्र को गिरोह का संचालन करने की कमान सौंप रखी है. पता चला है कि गिरोह में सुपौल निवासी रंजीत यादव (27), गोपालगंज निवासी जितेंद्र यादव (48) फर्जी आईडी बनाते हैं. जबकि मिक्सिंग फोटो तैयार करने का काम मनोज साइबर कैफे पटना में होता है. वहां पर बैठकर मनोज व राहुल कुमार मिल कर यह काम अंजाम देते हैं. जबकि गिरोह में शामिल रंजीत, जितेन्द्र व गुड्डू रुपया वसूलने के बाद परीक्षा देने के लिए सम्बंधित राज्य के सरगना के साथ साल्वर को जिन राज्य में परीक्षा होती है उनके परीक्षा केंद्रों में भेजते हैं. ऐसा सॉल्वर की निगरानी करने के लिए किया जाता है ताकि सॉल्वर बिना परीक्षा दिए भाग न जाये. प्रत्येक अभ्यर्थी से 5 से 6 लाख रुपये तक लिये जाते हैं.

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