Friday , 14 December 2018
Breaking News

पूर्व विधायक बंताराम ने भाजपा को बोला अलविदा, दुष्यंत का हाथ थामा

कुरुक्षेत्र, 08 दिसम्बर (उदयपुर किरण). रादौर से दो बार विधायक रहे पूर्व विधायक बंताराम वाल्मीकि ने भाजपा को अलविदा कह दिया है. पूर्व विधायक ने चुनाव से पहले भाजपा का दामन थामा था और वर्तमान समय में उनके पास प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य की जिम्मेदारी थी. शनिवार को पूर्व विधायक ने भाजपा को अलविदा कहते हुए प्रदेश के युवा नेता दुष्यंत चौटाला की पार्टी में शामिल होने का ऐलान किया. वे नीलकंठी यात्री निवास में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे.

पूर्व विधायक ने भाजपा की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा शासन काल में दलितों पर सबसे ज्यादा अत्याचार हुए हैं. अनुसूचित जातियां आरक्षण के हक से वंचित हैं, भाजपा उनकी समुचित भागेदारी सुनिश्चित करेगी, चुनावी घोषणा पत्र में भी भाजपा ने अनुसूचित जातियों से वादा किया था. साढ़े चार साल के कार्यकाल के दौरान भाजपा ने दलित वर्ग की अनदेखी की है. अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिला था. मुख्यमंत्री ने झूठा आश्वासन दिया था कि दलित वर्ग को रोजगार में बराबर का हिस्सा दिया जाएगा लेकिन आज तक दलित वर्ग को उम्मीदों के अनुरूप रोजगार नहीं मिला पाया है. उन्होंने समाज की भावनाओं को देखते हुए भाजपा से त्याग पत्र दिया है.

भाजपा सरकार पर बरसते हुए पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि सरकार पारदर्शिता का ढिंढोरा पीट रही है लेकिन लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है. आज तक दलित वर्ग के जरूरतमंद लोगों के बीपीएल कार्ड तक नहीं बन पाए हैं. इतना ही नहीं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी वंचित वर्ग को नहीं मिल रहा है. अधिकारियों की मिलीभगत के चलते लार्भियों की श्रेणी में नहीं आते हैं, उन्हें लाभ दिया जा रहा है.

बंताराम वाल्मीकि ने हिसार से लोकसभा सांसद दुष्यंत चौटाला को प्रदेश का भविष्य बताते हुए कहा कि वे नौ दिसम्बर को जींद में आयोजित होने वाले समस्त हरियाणा सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और वहीं पर विधिवत रूप से जननायक दल में शामिल होंगे. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि 14 साल पहले उन्होंने इनेलो से त्यागपत्र नहीं दिया था, बल्कि उन्हें इनेलो से कुछ नेताओं ने साजिश के तहत बाहर का रास्ता दिखाया था. वे पूर्व उप प्रधानमंत्री जननायक देवीलाल के समर्थक हैं और उनकी नीतियों में विश्वास रखते हैं. उनके नेतृत्व में उन्होंने राजनीति में कदम रखा था और आज भी वे उनसे प्रभावित हैं.

आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा पर पूर्व विधायक ने कहा कि उन्होंने कभी किसी पार्टी से टिकट की चाह नहीं रखी, केवल वे पार्टी की मजबूती के लिए कार्य करते हैं. पार्टी उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपेगी, उस पर वे खरा उतरने की कोशिश करेंगे. इस अवसर पर मायाराम चंद्रभानपुरा, जींद से पूर्व जिला पार्षद गंगा सिंह, अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा के संगठन मंत्री भूप सिंह, ईश्वर पिंडारसी, जसविंद्र खैरी, विनोद मथाना, जातिराम खैरी, रिंकू बंडौदा, रविंद्र दूधला, जसवंत पिंडासरी, राजेश बपदा, ज्ञानचंद नंबरदार व सुरेंद्र मथाना प्रमुख रूप से मौजूद रहे.

Loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*