Friday , 14 December 2018
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धर्म से मिलती है सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा: योगी आदित्यनाथ

भिवानी, 08 दिसम्बर (उदयपुर किरण). उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि धर्म शाश्वत है. धर्म हमें कर्तव्य और नैतिक मूल्यों का बोध कराता है. इससे हमें सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है. भारत की धर्म एवं संस्कृति में किसी की आस्था में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है. हमें बाबा बालकनाथ की तपस्या और महाराणा प्रताप के शौर्य व पराक्रम से शिक्षा लेकर समाज की भलाई के लिए कार्य करना चाहिए. इसके लिए उन्होंने नागरिकों से स्वच्छता को बनाए रखने की भी अपील की. योगी आदित्यनाथ शनिवार को जनपद से करीब पांच किलोमीटर दूर गांव हालुवास में बाबा बालक नाथ आश्रम में आयोजित 32 मान भंडारा कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे.
इससे पहले भारत माता, गंगा मैया, गौ-रक्षनाथ, बालक नाथ, सब सिद्धों और जय श्रीराम के जयकारे लगाए. योगी ने अपने संबोधन में कहा कि हरियाणा की धरती सिद्धों व चमत्कारी धरती है. जब-जब इस देश पर कोई संकट आया है तो यहां के नौजवानों ने अपनी शहादत से देश की रक्षा की है, जो अब भी यहां के वीर जवान विदेशी आक्रांताओं का मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने मेवाड़ की धरती से राष्ट्रभक्ति को संदेश दिया था, जो हमारे लिए हमेशा प्रेरणादायी रहेगा. उनकी शौर्य और वीरता आज भी हमारे दिलों में रची-बसी है, जो हमारे लिए राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है.
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि धर्म हमें नैतिक मूल्य का बोध कराता है. नैतिक मूल्य किसी भी देश में और हर परिस्थिति में नागरिकों में विद्यमान रहते हैं. पुण्य के कार्य इस लोक के साथ परलोक को सुधार देते हैं. इसी प्रकार पाप का फल भी इस लोक के साथ परलोक में भी भुगतना पड़ता है. उन्होंने कहा कि हमें अन्याय का भागीदार नहीं बनना है. हमारे ऋषि-मुनियों ने हमें धर्म के साथ न्याय के रास्ते पर चलने का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि बाबा बालक नाथ के प्रति हरियाणा ही नहीं बल्कि हिमाचल, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश सहित देशभर में श्रद्धा का भाव है. क्योंकि उन्होंने एक हजार साल पहले भक्ति व सिद्धी के साथ लोकहित में कार्य किए. उनके मन में किसी के प्रति भेदभाव नहीं था. आदि शंकराचार्य ने विषम परिस्थितियों में देश के चारों कोनों में चार पीठों की स्थापना की. उन्होंने मौसम और काल की परवाह किए बिना पैदल चलकर भारत में सनातन धर्म का संदेश दिया. इसी प्रकार देश में गुरु गोरक्षनाथ के मठ एवं धूणे देशभर में समान रूप से मिलते हैं, जो हमारे अंदर लोक कल्याण का भाव जीवित रखते हैं.

गंदगी को दूर करने का किया आह्वान
अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने नागरिकों से अपने घर-परिवार के साथ-साथ समाज के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हम अपने घर को साफ रखते हैं, उसी प्रकार से गांव की गली और सड़क भी साफ होनी चाहिए क्योंकि लक्ष्मी का वास भी स्वच्छता में ही होता है. उन्होंने ग्रामीणों से गांव में गंदगी नहीं रहने देने व प्लास्टिक का प्रयोग नहीं करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि प्लास्टिक/पॉलीथीन गलियों में फेंकने से उसे गाय खाती है, जिससे वे मौत के मुंह में जाती हैं. इससे हम पाप के भागीदार बनते हैं. जिस क्षेत्र के लोग गौ-माता की सेवा करते हैं, वहां पर सभी देवी-देवताओं का वास होता है. उन्होंने कहा कि सुंदरता और स्वच्छता तमाम प्रकार की बुराइयों को रोकती है. मनुष्य के बीमार होने का मुख्य कारण गंदगी का होना है, जबकि स्वच्छता स्मृद्धि के द्वार खोलती है. उन्होंने ग्रामीणों को कचरे का सही ढंग से निष्पादन करने को कहा.
कार्यक्रम में महंत केशवनाथ महाराज ने योगी आदित्यनाथ व अन्य महंतों का अभिनंदन किया. इस दौरान मंदिर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जहां पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया. यह कार्यक्रम दस दिसम्बर तक चलेगा. हालुवास में कार्यक्रम की अध्यक्षता बाबा बालक नाथ आश्रम के महंत श्यामनाथ महाराज ने की और विशिष्ट अतिथि शेरनाथ महाराज थे.

नई अनाज मंडी में हेलीपेड पर जिला प्रशासन ने किया स्वागत
इससे पहले, नई अनाज मंडी में बनाए गए हेलीपेड पर योगी आदित्यनाथ का प्रशासन की ओर से उपायुक्त अंशज सिंह एवं पुलिस अधीक्षक गंगाराम पूनिया ने स्वागत किया. इसके अलावा, विधायक घनश्याम दास सर्राफ, नगर परिषद चेयरमैन रण सिंह यादव, महंत केशवनाथ, महंत वेदनाथ, एसडीएम सतीश कुमार, समाजसेवी नंद किशोर अग्रवाल, पार्षद सुभाष तंवर, सोनू सैनी व पारस डालमिया ने भी योगी आदित्यनाथ का स्वागत किया.

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