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पत्रकार राजेंद्र प्रभु की स्मृति में व्याख्यान आयोजित करेगा आईआईएमसीः केजी सुरेश

नयी दिल्ली, 10 फ़रवरी (उदयपुर किरण). वरिष्ठ पत्रकार एवं दिल्ली पत्रकार संघ व नेशनल यूनियन ऑफ़ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) के संस्थापक सदस्य राजेंद्र प्रभु की स्मृति में भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी) हर साल एक व्याख्यान आयोजित करेगा. यह व्याख्यान विज्ञान पत्रकारिता (साइंस जर्नलिज्म) को समर्पित होगा.

यह घोषणा आईआईएमसी के महानिदेशक केजी सुरेश ने यहां एक कार्यक्रम में की. इस अवसर पर देश के शीर्ष पत्रकार संगठनों, विज्ञान-प्रौद्योगिकी लेखकों, मीडिया ट्रेड यूनियन नेताओं और सरकार के प्रतिनिधियों ने भावभीनी श्रंद्धांजलि अर्पित की. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत आने वाले संस्थान सीएसआईआर के शांति स्वरुप भटनागर सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में मीडिया ट्रेड यूनियन और विज्ञान पत्रकारिता के क्षेत्र में राजेंद्र प्रभु की अद्वितीय सेवाओं को याद किया गया. विज्ञान लेखन को लोकप्रिय बनाने और पत्रकारों को इस दिशा में प्रेरित व प्रशिक्षित करने में प्रभु के महती योगदान को याद करने के लिए केंद्रीय विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी मंत्री डॉ हर्ष वर्धन विशेष रूप से आए थे.

इस अवसर पर एनयूजे के संस्थापक सदस्य डा नंद किशोर त्रिखा, पांचजन्य के पूर्व संपादक देवेंद्र स्वरुप, पूर्व मीडिया ट्रेड यूनियनिस्ट और संवाद समिति यूनीवार्ता के पूर्व समाचार संपादक बनारसी सिंह व वरिष्ठ पत्रकार पपनै को भी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गयी. इस मौके पर आईआईएमसी के महानिदेशक केजी सुरेश ने राजेंद्र प्रभु की स्मृति में प्रतिवर्ष विज्ञान पत्रकारिता को समर्पित एक स्मृति व्याख्यान आयोजित करने की घोषणा की. इस पहल का केंद्रीय मंत्री डॉ हर्ष वर्धन एवं उपस्थित पत्रकारों ने स्वागत किया. उन्होंने कहा कि पहला स्मृति व्याख्यान अगले माह मार्च में आयोजित किया जायेगा.

केंद्रीय विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने राजेंद्र प्रभु के साथ अपने दीर्घकालिक संबंधों का जिक्र करते हुए उनके विज्ञान पत्रकारिता में योगदान का स्मरण किया. उन्होंने कहा कि यह स्मृति सभा वास्तव में प्रेरणा सभा है जहाँ से सभी को देशहित एवं पत्रकार हित में काम करने की प्रेरणा ग्रहण करके जाना चाहिए. देश के प्रतिष्ठित विज्ञान पत्रकार पल्लव वाघला ने राजेंद्र प्रभु के विज्ञान पत्रकारिता को पुष्ट करने के प्रयासों की चर्चा की. उन्होंने बताया कि किस प्रकार प्रभु उनके द्वारा लिखी खबरों को और बेहतर बनाने के लिए उन्हें सुझाव दिया किया करते थे.

इस अवसर पर देश के सबसे बड़े मजदूर संगठन भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सी.के. सजीनारायण ने सभी पत्रकार संगठनों का आह्वान किया कि आज सभी मजदूर संगठनों की ‘बारगेनिंग पॉवर’ कम हो रही है. इसलिए सभी पत्रकार संगठनों को मिलकर अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए.

इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ जर्नलिस्ट्स एवं इंडियन यूनियन ऑफ़ जर्नलिस्ट्स की प्रतिनिधि शबीना इन्द्रजीत ने भी इस बात पर जोर दिया की सभी पत्रकार संगठनों को मिलकर पत्रकार हितों के लिये संघर्ष करना चाहिए. यदि ऐसा होता है तो ये राजेंद्र प्रभु के छः दशक के प्रयासों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी. मीडिया वेतन आयोग के लिए गठित पत्रकार संगठनों की कन्फ़ेडरेशन के नेता एमएस यादव ने कहा कि मीडिया ट्रेड यूनियन ने अपना एक जुझारू साथी खो दिया है. दूसरा राजेंद्र प्रभु पैदा नहीं होगा. उन्होंने भी सभी पत्रकार संगठनों को मिलकर काम करने का आह्वान किया. प्रेस एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं प्रेस परिषद् के सदस्य जयशंकर गुप्ता ने भी अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की. बैंक कर्मियों के नेता अश्विनी राणा ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए.

दिल्ली पत्रकार संघ के अध्यक्ष मनोहर सिंह ने राजेंद्र प्रभु को एक कर्मयोगी बताया और कहा कि जिन मूल्यों एवं आदर्शों के लिए प्रभु ने जीवनभर संघर्ष किया उनके लिए दिल्ली पत्रकार संघ सदैव प्रयासरत रहेगा. इस अवसर पर दिल्ली पत्रकार संघ के महासचिव डॉ प्रमोद कुमार ने कहा कि आज पत्रकार यदि सम्मानपूर्वक जीवन बिता पा रहे हैं तो इसमें राजेंद्र प्रभु जी जैसे पत्रकार नेताओं का बड़ा योगदान हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे मनीषी पत्रकार नेताओं से प्रेरणा ग्रहण करते हुए संघर्ष की यह मशाल जलती रहनी चाहिए.

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