विश्व धरोहर वाला 115 वर्षीय पुराना स्टीम इंजन फिर ट्रैक पर, 29 सैलानियों लेकर पहुंचा शिमला


शिमला. भारतीय रेलवे ऐतिहासिक महत्व वाले विश्व धरोहर घोषित कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर फिर से 115 साल पुराना स्टीम इंजन उतरा तो पुरानी यादें ताजा हो गईं. शिमला पहुंचे इस स्टीम इंजन के साथ तीन लग्जरी कोच जोडे गए थे, जिसमें यूनाइटेड किंग्डम के 29 सैलीनियों ने सफर का मज़ा लिया. दरअसल, एतिहासिक स्टीम इंजन को इस साल दूसरी बार ऑन डिमांड पर ट्रैक पर उतारा गया. इस स्टीम इंजन को इंग्लैंड के 29 सैलानियों ने बुक करवाया था. सैलानियों ने शिमला से कैथलीघट तक का सफर किया. स्टीम इंजन दोपहर 11:30 बजे शिमला से सोलन के कैथलीघाट के लिए रवाना हुआ. एक घंटे कैथलीघाट में रुकने के बाद यह शिमला लौटा.

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शिमला से रवाना होने से पहले ब्रिटिश सैलानियों ने शिमला रेलवे स्टेशन और स्टीम इंजन की खूबसूरती को कैमरों में कैद किया. सफर में हिस्सा लेने वाले रे स्मिथ टूर गाइड थे. उन्होंने 9वीं बार इस सफर का मज़ा लिया. रे ने बताया कि जब भी वह सफर करते हैं तो इतिहास को एक बार फिर से जी लेते है. क्योंकि यह स्टीम इंजन ब्रिटिशर्स के समय का बना हुआ है. इसमें सफर करते हुए सीटी की आवाज सुनने, असमान में धुआं उड़ते देखना, आसपास प्राकृतिक सौंदर्य देखना, अपने आप में एक अनोखा अनुभव होता है.

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इंजन की छुक-छुक की आवाज सुनते ही रेलवे स्टेशन के आसपास के लोग और सैलानी उसे देखने के लिए एकत्र हो गए थे. स्टीम इंजन में भाप के पिस्टन में आगे-पीछे चलने और बाहर निकलने से छुक-छुक की आवाज पैदा होती है. स्टीम इंजन में बजने वाली सीटी भाप के दबाव से बजती है. डीजल इंजन के मुकाबले स्टीम इंजन की सीटी ज्यादा तीखी और दूर तक सुनाई देती है.

इंग्लैंड के सैलानी इस स्टीम इंजन पर सफर करने को लेकर काफी उत्सुक दिखे. सैलानी विवियन ने कहा कि वह पहली बार इसमें सफर पर जा रही हैं. ऐसा मौका बहुत कम मिलता है. इंग्लैंड में अब भी बहुत जगहों पर स्टीम इंजन चलाए जाते हैं, लेकिन भारत में शिमला जैसी जगह पर इसका अपना अलग अनुभव है. नार्थ इंग्लैंड से आई क्रिस्टी स्टीम इंजन में सफर करने के लिए काफी उत्साहित दिखीं.

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स्टेशन अधीक्षक शिमला प्रिंस सेठी ने बताया कि सात ब्रिटिश सैलानियों ने 115 साल पुराने स्टीम इंजन की बुकिंग करवाई थी. रेल विभाग ने किराया एक लाख 24 हजार तय कर रखा है. इंग्लैंड के सैलानियों ने स्टीम इंजन बुक करवाया था और आज 29 सैलानी सफर पर निकले है. स्टीम इंजन कैथलीघाट तक चलाया गया है. इस साल दूसरी बार स्टीम इंजन ट्रैक पर उतरा है.

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